Giridih: समाहरणालय सभागार में मंगलवार को DC रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला कौशल विकास योजना 2026-27 की तैयारियों, जिले में संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्थानीय उद्योगों की जरूरत, रोजगार की संभावनाओं और प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला कौशल विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष, जिले की प्रमुख कंपनियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षण प्रदाता तथा राज्य स्तर से UNDP की टीम के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

ऐसा प्रशिक्षण देने पर जोर, जिससे सीधे रोजगार का रास्ता खुले
उपायुक्त ने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें स्थायी रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना होना चाहिए. उन्होंने जिले में जिन ट्रेड और कौशल की वास्तविक मांग है, उन्हीं को प्राथमिकता देते हुए प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्थानीय कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की मानव संसाधन संबंधी जरूरतों का आकलन कर उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया. साथ ही प्रशिक्षित युवाओं के लिए प्रभावी प्लेसमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रशिक्षण के बाद उनकी रोजगार स्थिति की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया.
उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में कहा गया कि जिला कौशल विकास योजना को स्थानीय जरूरतों और बाजार की मांग से जोड़ना जरूरी है. इसके लिए जिले में उपलब्ध मानव संसाधन, रोजगार की संभावनाओं, स्थानीय उद्योगों की जरूरत और वर्तमान में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबंधित आंकड़ों का संकलन किया जाएगा. DC ने प्रशिक्षण संस्थानों और स्थानीय उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जिस कौशल की बाजार में मांग है, युवाओं को उसी क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिलने की संभावना बढ़ सके.
नौकरी के साथ स्वरोजगार पर भी फोकस
बैठक में युवाओं को नौकरी के साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया गया. ऐसे युवाओं की पहचान करने की बात कही गई, जो प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हैं. इसके लिए युवाओं को सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, वित्तीय सहायता और उद्यमिता से जुड़ी सुविधाओं से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई. संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर युवाओं को उद्यम शुरू करने में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर बल दिया गया.
Gramodyam Portal से ग्रामीण युवाओं को मिलेगा सहयोग
बैठक में NABARD के सहयोग से विकसित Gramodyam Portal की उपयोगिता पर भी चर्चा की गई. ग्रामीण युवाओं और संभावित उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को उपयोगी बताया गया. पोर्टल के माध्यम से इच्छुक युवा अपनी रुचि के क्षेत्र में उपलब्ध प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसमें Business Ideas, Industrial Courses, Bankable Project Reports, Government Schemes, Expert Workshops, Mentoring & Incubation और Bank-Linkage Support जैसी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध है.
50 Entrepreneurship Models से खुलेंगे स्वरोजगार के नए रास्ते
बैठक में बताया गया कि Gramodyam Portal पर ग्रामीण स्तर पर उद्यम स्थापित करने के लिए 50 Entrepreneurship Models उपलब्ध हैं. इनमें खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं डेयरी, अनाज मिलिंग, ग्रीन एनर्जी एवं सर्कुलर इकोनॉमी, घरेलू उत्पाद, वेलनेस एवं टेक्सटाइल तथा सर्विस एवं रिपेयर जैसे क्षेत्र शामिल हैं. खाद्य प्रसंस्करण के तहत स्नैक्स, नूडल्स, नमकीन, टोमैटो कैचअप एवं सॉस, माइक्रो बेकरी, जैम-जेली, फ्रूट एवं वेजिटेबल कैनिंग, जूस एवं स्क्वैश, काजू प्रोसेसिंग, मसाला ग्राइंडिंग, अचार-चटनी और मिलेट कुकीज जैसे व्यवसाय शामिल हैं.
अनाज मिलिंग के तहत आटा चक्की, मिनी राइस मिल और मल्टीग्रेन फ्लोर यूनिट जैसे मॉडल हैं. कृषि एवं डेयरी क्षेत्र में मिल्क प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग, दही-लस्सी, पनीर, चीज माइक्रो यूनिट, मशरूम प्रोसेसिंग एवं पैकिंग तथा हाइड्रोपोनिक्स जैसी संभावनाएं बताई गईं.ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में बायोगैस या बायो-CNG आधारित माइक्रो प्लांट, बायोमास ब्रिकेट्स एवं पेलेट्स, वेस्ट रीसाइक्लिंग, सोलर पैनल असेंबली, सोलर वाटर हीटर और सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन जैसे मॉडल शामिल हैं. इसके अलावा घरेलू एवं वेलनेस क्षेत्र में अगरबत्ती, धूप, परफ्यूम, हैंडवॉश, हर्बल कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी सैलून और योगा-फिटनेस सेंटर जैसे उद्यमों की संभावनाएं हैं. सर्विस सेक्टर में ड्राई क्लीनिंग, लॉन्ड्री, कार वॉश, डिजिटल मार्केटिंग, एसी-फ्रिज मरम्मत, टू-व्हीलर रिपेयर, ऑटो डायग्नोस्टिक्स और टायर पंचर एवं व्हील अलाइनमेंट सेंटर जैसे व्यवसाय शामिल हैं.
प्रशिक्षण से रोजगार और कौशल से उद्यमिता तक बनेगा तंत्र
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जिला कौशल विकास योजना 2026-27 को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाए. इसे युवाओं की रुचि, स्थानीय संसाधनों, उद्योगों की मांग और रोजगार बाजार की जरूरत के अनुरूप तैयार किया जाए.जिला प्रशासन की ओर से कौशल प्रशिक्षण से रोजगार और प्लेसमेंट तथा कौशल प्रशिक्षण से उद्यमिता, बैंक ऋण और स्वरोजगार तक की समग्र व्यवस्था विकसित करने की दिशा में समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया.प्रशासन का मानना है कि कौशल विकास को रोजगार और उद्यमिता से जोड़कर गिरिडीह के युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं. इससे युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ जिले में नए छोटे एवं मध्यम उद्यमों के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है.
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