NewsWave Desk : केंद्र सरकार ने शिक्षा सुधार और पब्लिक एग्जामिनेशन सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिये वशेष हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की. हाई पावर्ड टास्क फोर्स की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने जाने-मानें टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी को दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया में इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार पब्लिक एग्जामिनेशन सिस्टम को लीक प्रुफ बनाना चाहती है. जिससे छात्रों का भरोसा फिर से प्रतियोगी परीक्षाओं में बहाल किया जा सकें. नंदन नीलकेणी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिये तकनीक सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है. इसके जरिये ही परीक्षा को लीक प्रुफ बनाया जा सकता है. जिससे नीट यूजी NEET – UG और नेट NET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक न हो. ऐसे में टास्क फोर्स तकनीक पर आधारित हल निकालेगी. जिससे परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाया जा सके.
नंदन नीलकेणी 2002 में इंफोसिस के CEO बने
नंदन मोहनराव नीलेकणी का जन्म का 2 जून, 1955 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुआ. उन्होंने आईआईटी IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से ग्रैजुएशन किया और 1978 में मुंबई में पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स से अपने करियर की शुरुआत की थी. वर्तमान में नंदन नीलकेणी देश के सबसे प्रमुख तकनीकी एक्सपर्ट्स में गिने जाते है. साल 1981 में उन्होंने एन. आर. नारायण मूर्ति और पांच अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की. उन्होंने इंफोसिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और साल 2002 में कंपनी के सीईओ CEO बने.
