SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय में राज्य की कानून-व्यवस्था नक्सल परिदृश्य, अपराध स्थिति, स्टेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर और डायल 112से जुड़े मामले को लेकर एक आधिकारिक रिपोर्ट सामने आई हैं. रिपोर्ट में प्रस्तुत आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि राज्य पुलिस न सिर्फ उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है, बल्कि संगठित आपराधिक गिरोहों और साइबर अपराधियों पर भी शिकंजा कसने में सफल रही है.
नक्सल मोर्चे पर मिली सफलता
झारखंड में भाकपा माओवादी सहित अन्य प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा बलों को वर्ष 2026 में बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं.वर्ष 2026 में चलाए गए अभियानों में 24 माओवादियों को ढेर किया गया. इस वर्ष माओवादी कैडर के 32 नक्सलियों और उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया हैं. साथ ही 35 माओवादी और अन्य उग्रवादी गुटों के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों से 40 अत्याधुनिक पुलिस हथियार बरामद किए हैं. वहीं दूसरी ओर कोल्हान और सारंडा के जंगलों से आईईडी और स्पाइक होल्स को हटाने के लिए क्षेत्र का सेनेटाइजेशन अभियान तेज किया जाएगा. पारसनाथ, बूढ़ा पहाड़ और ट्राई-जंक्शन जैसे खाली कराए गए क्षेत्रों पर फिर से उग्रवादियों का प्रभाव न बढ़े, इसके लिए क्षेत्र में पुलिस की पकड़ बनाए रखना प्राथमिकता है.
विधि-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक संवेदनशीलता में झारखंड के छह जिले शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के कई जिले सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माने गए हैं. संवेदनशील जिले में हजारीबाग, गिरिडीह, लोहरदगा, पलामू, साहिबगंज और पाकुड़ प्रमुख संवेदनशील क्षेत्र हैं. गढ़वा और खूंटी नए उभरते संवेदनशील जिले के रूप में चिह्नित किए गए हैं. पुलिस की समीक्षा में पाया गया कि सरस्वती पूजा, गणेश पूजा, महाशिवरात्रि, होली, ईद मिलाद-उन-नबी और रामनवमी जैसे त्योहारों के दौरान डीजे बजाने, जुलूस निकालने और पथराव की घटनाओं के कारण विधि-व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है.
इन घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए दर्जनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है. हाल के दिनों में जुलूसों में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी भागीदारी देखी जा रही है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के दौरान उत्पन्न होने वाले लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दों पर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
हत्थे समेत अन्य आपराधिक मामले में आई कमी, मामले का हो रहा निष्पादन
– झारखंड में अपराधों की रोकथाम और दर्ज मामलों के निष्पादन में पिछले तीन वर्षों में सुधार देखा गया है.
– वर्ष 2023: 63,862 मामले दर्ज हुए, 68,123 मामलों का निष्पादन हुआ (106%) और 26,568 गिरफ्तारियां हुईं.
– वर्ष 2024: 60,596 मामले दर्ज हुए, 52,433 मामलों का निष्पादन हुआ (86%) और 23,948 गिरफ्तारियां हुईं.
– वर्ष 2025: 62,562 मामले दर्ज हुए, 71,231 मामलों का निष्पादन किया गया (114%) और 25,782 गिरफ्तारियां की गईं.
– वर्ष 2026 (मार्च तक): 13,599 मामले दर्ज, 15,161 का निष्पादन और 5,475 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
– हत्या: वर्ष 2023 में 1,720, 2024 में 1,640 तथा 2025 में घटकर 1,467 मामले दर्ज किए गए (हत्या के मामलों में गिरावट दर्ज की गई).
– डकैती और चोरी: डकैती के मामलों में भी कमी आई है (2023 में 103 से घटकर 2025 में 91). चोरी की घटनाओं में भी गिरावट दर्ज हुई है (2023 में 10,503 से घटकर 2025 में 8,611).
– बलात्कार: 2023 में 1,615 मामले दर्ज हुए थे, 2024 में 1,552 और 2025 में 1,739 मामले दर्ज किए गए.
मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर लगा लगाम, पोक्सो और एसटी- एससी एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
– पोक्सो एक्ट: वर्ष 2025 में पोक्सो एक्ट के 1,194 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 1,100 मामलों (92%) का निष्पादन किया जा चुका है. इस अवधि में 1,251 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
– एसटी-एससी एक्ट: वर्ष 2025 में 687 मामले प्रतिवेदित हुए और 762 मामलों का निष्पादन किया गया.
– वर्ष 2025 में 353 मामले दर्ज हुए तथा 329 मामलों का निष्पादन किया गया.
– मॉब लिंचिंग: राज्य में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगा है. 2021 में दर्ज 7 मामलों की तुलना में 2025 में केवल 3 मामले और 2026 में (मार्च तक) कुल 4 मामले ही सामने आए हैं. अधिकांश जिलों में मॉब लिंचिंग का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है.
साइबर अपराध पर शिकंजा: प्रतिबिंब ऐप और 1930 हेल्पलाइन नंबर हो रहा कारगर साबित
– झारखंड पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर बड़ी सफलता हासिल की है.
– सीआईडी झारखंड द्वारा विकसित जीआईएस-आधारित प्रतिबिंब’ ऐप के जरिए रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग कर साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
– अब तक पूरे राज्य में 647 एफआईआर दर्ज की गई हैं. साथ ही 2,488 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा 6,839 सिम कार्ड और 4,681 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. देवघर (1,361 गिरफ्तारी), जामताड़ा (536 गिरफ्तारी) और गिरिडीह (263 गिरफ्तारी) प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से कार्रवाई के मुख्य केंद्र रहे है.
– हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से अब तक 69,612 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. 136.54 करोड़ रुपये की ठगी की राशि होल्ड पर रखी गई और पीड़ितों को 16.712 करोड़ रुपये वापस कराए गए हैं.
संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता: पुलिस की गोली से घायल हुए कई अपराधी
– संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में पुलिस को सफलता मिली है.
– गैंगस्टर अमन साहू का खात्मा: वर्ष 2025 में कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू पुलिस अभिरक्षा से भागने के प्रयास के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया.
– वर्ष 2026 की मुठभेड़: संगठित अपराध गिरोहों के साथ दस से अधिक मुठभेड़ हुई हैं, जिनमें प्रिंस खान, सुजीत सिन्हा, राहुल दुबे और अमन साहू गिरोह के कई अपराधी गोली लगने से घायल हुए हैं.
– संगठित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में 717 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं, 382 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं और 1.09 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं.
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