Ranchi : फिलहाल सचिवालय में विकास कार्यों के क्रियान्वयन से ज्यादा हलचल, तबादलों को लेकर है. हर विभाग में स्थापना से जुड़ी फाइल इस टेबल से उस टेबल पर जा रही है. कर्मी और अधिकारी फाइलों पर नजर टिकाए हुए हैं. यही मौका है कि कैसे भी साम-दाम-दंड-भेद लगाकर अपने मन-चाहे जगह पर जाकर टिक जाएं. अगर 31 जुलाई से पहले ऐसा नहीं हुआ तो फिर पेंच फंस जाएगा. यह पेंच ऐसा है जिससे पार पाना काफी मुश्किल साबित हो सकता है. क्योंकि बात सचिव से मंत्री और मंत्री से मुख्यमंत्री तक चली जाएगी.
क्यों है 31 जुलाई इतना खास
हर साल विभागों में तबादले होते हैं. यह तबादला सामान्य प्रक्रिया के तहत 31 जुलाई से पहले कर लेने की प्रक्रिया है. 31 जुलाई से पहले कर्मी या अधिकारी के सक्षम पदाधिकारी तबादले पर मुहर लगाते हैं. मसलन जो कर्मी गजटेड नहीं हैं, उनके तबादले पर मुहर सचिव की तरफ से लगा दी जाती है. वहीं जो गजटेड हैं उनकी फाइल मंत्री के पास जाती है. अब अगर 31 जुलाई तक तबादला नहीं हो पाया तो अब तबादला एक स्तर ऊपर के पदाधिकारी करेंगे. मसलन जो फाइल सचिव निबटा सकते थे, वो फाइल अब मंत्री जी के पास जाएगी और जो फाइल मंत्री के स्तर से होना था, वो अब मुख्यमंत्री के स्तर से कराना होगा. ऐसे में अगर सामान्य प्रक्रिया के तहत तबादले नहीं होते हैं तो सरकारी नौकरों की दिक्कत काफी बढ़ सकती है. जो काम आसानी से हो सकता था, अब वही काम बड़ी मुश्किल से हो पाएगा.
प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों का नहीं होगा तबादला
तबादलों का यह सारा मामला उन लोगों के साथ जुड़ा हुआ है जो प्रशासनिक कार्यों से जुड़े हुए नहीं है. वैसे भी झारखंड में फिलहाल एसआईआर SIR का काम चल रहा है, तो एसआईआर SIR से जुड़े लोगों को इस पूरे मामले से दूर रखा जाएगा. ऐसे में प्रशासनिक कार्यों और एसआईआर SIR से जुड़े लोग तबादले से निश्चिंत है.
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