Click Here
Click Here
Click Here

कृषि मेला का शुभारंभ : CM हमेंत सोरेन ने कहा – जल संकट के लिये जागरूकता जरूरी, जैविक खेती अपनाकर किसान बढ़ायें आय

Ranchi : कृषि मेला के उद्घाटन अवसर पर सीएम हेमंत सोरेन ने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारत...

Ranchi : कृषि मेला के उद्घाटन अवसर पर सीएम हेमंत सोरेन ने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों और खेती किसानी में बसती है. उन्होंने कहा कि किसान का इतिहास जाति, धर्म और समुदाय से भी पुराना है. जब समाज में जाति और धर्म जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी, तब भी खेती होती थी और खेत-खलिहानों ने ही इंसानों को एक दूसरे से जोड़कर सभ्यता और समुदाय का निर्माण किया.
सीएम ने कहा कि जय जवान, जय किसान सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि देश की पहचान है. किसान अपनी मेहनत और पसीने से पूरे देश का पेट भरता है. इसलिए वह सम्मान और गौरव का सबसे बड़ा हकदार है. उन्होंने कहा कि कृषि मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक और नवाचारों से जोड़ना है. ताकि वे बदलते समय के अनुरूप खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकें. इस दौरान सीएम हेमंत सोरेन, सांसद महुआ माजी ने कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

जल संकट के लिये अभी से जागरूक होना जरूरी

सीएम ने कहा कि झारखंड की करीब 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन जलवायु परिवर्तन ने कृषि क्षेत्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. ऐसे में किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है. सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है.
जल संकट पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अभी से सतर्क नहीं हुए तो आने वाले वर्षों में आधे से अधिक चापाकल सूख सकते हैं. इसलिए हर गांव और हर खेत में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना होगा. उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि जितना पानी हम धरती से लेते हैं, उतना ही उसे वापस लौटाने का प्रयास भी करना होगा.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

खेती के साथ – साथ पेड़ लगायें किसान

हेमंत सोरेन ने कहा कि विकास के नाम पर जंगलों की कटाई बढ़ी है, लेकिन वृक्षारोपण उसी अनुपात में नहीं हो रहा. इसका असर सीधे पर्यावरण और कृषि पर पड़ रहा है. उन्होंने किसानों से खेती के साथ साथ पेड़ लगाने का भी आह्वान किया और कहा कि सरकार बंजर भूमि को हरित बनाने के लिए लगातार अभियान चला रही है. बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत सिमडेगा की महिलाएं आम के बागानों से आज आत्मनिर्भर बन रही हैं और उनके उत्पाद विदेशों तक पहुंच रहे हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि यदि किसानों को सही अवसर और संसाधन मिले तो वे आर्थिक समृद्धि की नई कहानी लिख सकते हैं.

जैविक खेती को अपनाने पर जोर

उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती से दूरी बनाकर जैविक खेती को अपनाने की अपील की. सीएम ने कहा कि रसायनों का अत्यधिक उपयोग न केवल मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित करता है, बल्कि मानव स्वास्थय के लिए भी नुकसानदायक है. पारंपरिक और प्राकृतिक खेती ही भविष्य की सुरक्षित और टिकाऊ खेती का आधार बन सकती है. उन्होंने कहा कि आज देश में बड़ी संख्या में युवा और पेशेवर लोग कॉरपोरेट नौकरियां छोड़कर खेती की ओर लौट रहे हैं. कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और थोड़े से प्रयास से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं.

मवेशियों का वितरण किया गया

इस दौरान किसानों के बीच विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत गाय और बकरी का वितरण किया गया. अपने संबोधन में सीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की हर चुनौती के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और झारखंड को कृषि के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है.

ALSO READराज्यसभा चुनाव में होटल पॉलिटिक्स की एंट्री, तो क्या कांग्रस से ज्यादा बीजेपी डरी हुई है?

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *