RANCHI: झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने सरायकेला खरसांवा जिले में हो रही शहरी होमगार्ड बहाली (विज्ञापन संख्या 01/2025) में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं,फर्जीवाड़े और अपात्र अभ्यर्थियों (Ineligible Candidates) के चयन का आरोप लगाया है.एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने जिले के DC को पत्र लिखकर इस पूरी प्रक्रिया की गहन जांच कराने और स्थानीय अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है.शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है, कि कई अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेजों और गलत पते के आधार पर आवासीय प्रमाण पत्र बनवाकर चयन सूची में जगह बनाई है. इससे जिले के वास्तविक स्थानीय अभ्यर्थियों के हक का हनन हुआ है.
बाहरी अभ्यर्थियों के चयन पर सवाल
DC को लिखे गए पत्र में यह मांग की गई है कि चयनित अभ्यर्थियों के आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड के डेटा का मिलान किया जाए.साथ ही अभ्यर्थियों के माता-पिता के स्थायी निवास की भी जांच हो.अगर अभ्यर्थी की शिक्षा दूसरे राज्य से हुई है,तो उनके स्थानीय निवास के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जाए. क्योंकि झारखंड गृह रक्षक नियमावली के प्रावधानों के मुताबिक अभ्यर्थी का संबंधित जिला या शहर का सामान्य निवासी होना अनिवार्य है. लेकिन इस नियम को ताक पर रखकर बाहरी या अपात्र लोगों का चयन किया गया है.
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