PAKUR: जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत बड़ा तेलोपाड़ा गांव आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं से दूर है. गांव के लोगों को आज भी डेढ़ किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है, जिससे पेयजल संकट गंभीर बना हुआ है.
जनप्रतिनिधियों ने सुनी ग्रामीणों की समस्या
सूचना मिलने पर राजद जिला अध्यक्ष महावीर मढैया, प्रखंड अध्यक्ष मनोज मढैया और प्रखंड सचिव लाल मरांडी गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान महावीर मढैया स्वयं डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर उस झरने तक पहुंचे, जहां से ग्रामीण रोज पानी लाने को मजबूर हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि पेयजल मंत्री और नव नियुक्त उपायुक्त से बात कर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पहल की जाएगी.
गांव की भौगोलिक स्थिति और समस्याएं
जानकारी के अनुसार, बड़ा तेलोपाड़ा गांव लिट्टीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर तक सड़क सुविधा नहीं है.
गंभीर पेयजल संकट
गांव में लगभग 370 घर हैं और सभी पेयजल संकट से प्रभावित हैं. ग्रामीणों को मजबूरी में डेढ़ किलोमीटर दूर झरने से पानी लाना पड़ता है. दूषित पानी के उपयोग से लोग कई बीमारियों से जूझ रहे हैं.
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सड़क सुविधा के अभाव से बढ़ी परेशानी
सड़क नहीं होने के कारण हालात और खराब हैं. बीमार मरीजों को खटिया के सहारे साढ़े तीन किलोमीटर तक पैदल ले जाकर एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है. भीषण गर्मी में पानी और सड़क दोनों की कमी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव विकास से दूर है. आदिम जनजाति सौरिया पहाड़िया समुदाय के लोग बुनियादी सुविधाओं के बिना जीवन जी रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर पेयजल और सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.
