Lohardaga : इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के तत्वावधान में श्रमिकों से जुड़े अहम मुद्दों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, इस बैठक में देश और राज्य स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए, जहां मजदूरों की वर्तमान स्थिति, उनके अधिकारों और ट्रेड यूनियन की भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा की गई, कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में नेताओं ने एक स्वर में श्रमिकों के हितों की रक्षा और उनके सामाजिक स्तर को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया.
बैठक में नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू, महासचिव एन. जी. अरुण, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमूचू, कोषाध्यक्ष डॉ. आर. एन. चौबे और ऑर्गेनाइजिंग सचिव एस. एन. चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति रही, सभी नेताओं ने अपने-अपने विचार रखते हुए संगठन की आगामी रणनीतियों और प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला.
मजदूरों उचित मूल्य नहीं मिलता
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महासचिव एन. जी. अरुण ने कहा कि देश का श्रमिक वर्ग लंबे समय से विभिन्न प्रकार के शोषण और उपेक्षा का सामना कर रहा है, उन्होंने कहा कि आज भी बड़ी संख्या में मजदूरों को उनके श्रम का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है और सामाजिक स्तर पर भी उन्हें वह सम्मान नहीं मिल सका है, जिसके वे हकदार हैं, उन्होंने यह भी कहा कि इंटक लगातार श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए संघर्षरत है, संगठन का लक्ष्य केवल आर्थिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों को सामाजिक और मानसिक रूप से भी सशक्त बनाना है.
मजदूरों के संघर्ष और उनके अधिकारों की रक्षा
वहीं, नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू ने संगठन के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इंटक का इतिहास मजदूरों के संघर्ष और उनके अधिकारों की रक्षा से जुड़ा रहा है, उन्होंने कहा कि संगठन ने हमेशा मजदूरों की आवाज को बुलंद किया है और आगे भी यह जिम्मेदारी पूरी मजबूती के साथ निभाई जाएगी, उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाएं, ताकि मजदूरों की समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सके.
नेताओं ने कहा कि समाज के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है
बैठक के दौरान श्रमिकों को सम्मानित भी किया गया, जिससे उनके मनोबल को बढ़ावा मिला, नेताओं ने कहा कि समाज के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई बार उचित पहचान और सम्मान नहीं मिल पाता है। ऐसे में इंटक का यह प्रयास है कि मेहनतकश वर्ग को उसका उचित हक और सम्मान दिलाया जाए, प्रेस वार्ता में नेताओं ने केंद्र सरकार से ट्रेड यूनियनों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की, उनका कहना था कि इस प्रक्रिया में हो रही देरी से संगठनों के कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है और श्रमिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं, उन्होंने सरकार से इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया.
कानूनों में बदलाव को लेकर नेताओं ने अपनी चिंता जाहिर की
इसके अलावा, प्रस्तावित श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर भी नेताओं ने अपनी चिंता जाहिर की, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई भी नीति या कानून मजदूर विरोधी होगा, तो इंटक उसका पुरजोर विरोध करेगा। नेताओं ने कहा कि श्रम कानूनों में किसी भी प्रकार का बदलाव श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए, अंत में नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा, इंटक आने वाले समय में अपने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा.
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