Hazaribagh: हजारीबाग में कानून की साख पर सीधा प्रहार हुआ है. शनिवार को जिस काम को प्रशासन ने रुकवाया, आज वही काम खुलेआम जारी रहा. कृष्णापुरी तालाब के किनारे अतिक्रमणकारियों ने अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार (सीओ) के स्पष्ट आदेश को ठेंगा दिखाते हुए बाउंड्री निर्माण पूरा कर लिया. सवाल सीधा है कि क्या अब आदेश सिर्फ कागज पर रह गए हैं?
ग्रामीणों के विरोध के बावजूद जारी रहा निर्माण
रविवार को अतिक्रमण की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काम रुकवाने की कोशिश की, कहा कि सीओ ने कागज और नक्शे के मिलान करने तक कार्य को रोका है, लेकिन उनकी एक न सुनी गई. मौके पर जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई. सूत्रों का दावा है कि एक अतिक्रमणकारी रांची में पुलिस विभाग से जुड़ा है और वही बाउंड्री का काम करवा रहा है.
“पहुंच लंबी है” कहकर बढ़ा अतिक्रमण का दायरा
यही नहीं, अन्य अतिक्रमणकारी जिनका कार्य पहले रोक दिया गया था, उन्होंने भी खुलकर कहा कि जब वे कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं? इस बयान के बाद माहौल और बिगड़ गया. महीनों से रुके दूसरे प्लॉट्स पर भी तेजी से अतिक्रमण शुरू हो गया है. अतिक्रमणकारियों ने खुलेआम कहा कि उनकी पहुंच लंबी है और उन्हें किसी का डर नहीं.
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प्रशासन पर उठे सवाल, जांच का आश्वासन
इधर, नए वार्ड पार्षद के संरक्षण की चर्चा भी जोर पकड़ रही है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने संवेदनशील मामले में वार्ड पार्षद की चुप्पी क्यों है? स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है.
मामले की सूचना मिलने पर सदर सीओ आशुतोष कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अब देखना यह है कि प्रशासन की सख्ती हकीकत में दिखती है या फिर अतिक्रमणकारियों की लंबी पहुंच एक बार फिर कानून पर भारी पड़ती है.
