Gumla : पॉलिटेक्निक कॉलेज, गुमला द्वारा तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, सिविल सर्जन कार्यालय, सदर अस्पताल, गुमला के सहयोग से विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें स्वस्थ एवं तंबाकू-मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों में श्रीमती वंदना स्मिता होरो, जिला परामर्शदाता (तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, सिविल सर्जन कार्यालय, सदर अस्पताल, गुमला) एवं सुश्री सुमन कुल्लू, फिजियोलॉजिस्ट (सिविल सर्जन कार्यालय, सदर अस्पताल, गुमला) शामिल थीं.

झारखंड में बढ़ती तंबाकू की प्रवृत्ति पर चिंता, युवाओं से जागरूकता फैलाने की अपील
अतिथियों ने अपने संबोधन में तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और रोकथाम एवं समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया. श्रीमती वंदना स्मिता होरो ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तंबाकू सेवन से संबंधित आंकड़े, जनस्वास्थ्य पर उसके प्रभाव तथा झारखंड में इसकी बढ़ती प्रवृत्ति की जानकारी दी. साथ ही, उन्होंने तंबाकू छोड़ने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए उपलब्ध सहायता सेवाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार एवं समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया. सुश्री सुमन कुल्लू ने तंबाकू की लत के शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने विद्यार्थियों को सही निर्णय लेने एवं तंबाकू उत्पादों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया.
युवाओं की सहभागिता से साकार होगा स्वस्थ भारत का सपना
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शिबा नारायण साहू एवं संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अजीत कुमार शुक्ल ने विद्यार्थियों से तंबाकू सेवन के खतरों के प्रति सजग रहने तथा स्वस्थ एवं तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया. उन्होंने इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन हेतु तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रयासों की सराहना की. कार्यक्रम में निदेशक श्री अभिजीत कुमार ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों को संबोधित किया. उन्होंने अपने संदेश में कॉलेज एवं तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के संयुक्त प्रयासों की सराहना की और युवाओं की जनस्वास्थ्य अभियानों में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर बल देते हुए कहा कि युवा ही समाज का भविष्य हैं और उनकी जागरूकता एवं सहभागिता से ही तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ भारत का सपना साकार हो सकता है.
तंबाकू त्याग और जनजागरण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सरकार द्वारा संचालित तंबाकू नियंत्रण एवं तंबाकू त्याग सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई. कार्यक्रम के अंत में छात्रों को तंबाकू-मुक्ति की शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने तंबाकू का सेवन न करने एवं इसके दुष्प्रभावों के प्रति अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को जागरूक करने की शपथ ली. यह जागरूकता कार्यक्रम “तंबाकू-मुक्त जीवन ही स्वस्थ जीवन है” के संदेश को सुदृढ़ बनाने में सफल रहा एवं प्रतिभागियों को “तंबाकू-मुक्त झारखंड एवं स्वस्थ भारत” के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया.
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