हजारीबाग नगर निगम के इतिहास में पहली बार बड़ा फैसला: सफाई कर्मियों के राहत कोष में अपना पूरा वेतन दान करेंगे महापौर

Hazaribagh: हजारीबाग नगर निगम के इतिहास में बुधवार को सफाई मित्रों और दैनिक कर्मचारियों के हक में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया....

Hazaribagh Municipal Corporation
अखिल भारतीय मजदूर संगठन ने की बैठक

Hazaribagh: हजारीबाग नगर निगम के इतिहास में बुधवार को सफाई मित्रों और दैनिक कर्मचारियों के हक में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया. अखिल भारतीय मजदूर संगठन (नगर निगम हजारीबाग यूनियन) के आह्वान पर ‘द पैराडाइज रिसॉर्ट’ में एक ऐतिहासिक समीक्षा एवं संवाद बैठक का आयोजन किया गया. इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता हजारीबाग के महापौर अरविंद कुमार राणा ने की, जबकि नेतृत्व यूनियन के अध्यक्ष व शहर के प्रख्यात अधिवक्ता विवेक कुमार वाल्मीकि ने किया. बैठक में वर्षों से उपेक्षित पड़े सफाई कर्मचारियों की बुनियादी समस्याओं और अधिकारों पर सीधा संवाद हुआ, जहां महापौर ने दरियादिली और कड़ा प्रशासनिक रुख दिखाते हुए यूनियन की सभी जायज मांगों पर अपनी मुहर लगा दी.

इतिहास में पहली बार सीधे मजदूरों की चौखट पर पहुंचे महापौर: विवेक वाल्मीकि

मजदूरों का पक्ष बेहद मजबूती और तार्किकता के साथ पटल पर रखते हुए यूनियन अध्यक्ष अधिवक्ता विवेक कुमार वाल्मीकि ने कहा, कि “हजारीबाग नगर निगम के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, जब कोई महापौर स्वयं वातानुकूलित दफ्तर और प्रशासन के आसन से उठकर सीधे सफाई कर्मचारियों के बीच उनकी पीड़ा सुनने पहुंचे हैं. यह पहल साफ दर्शाती है कि वर्तमान नेतृत्व मजदूरों के प्रति कितना संवेदनशील है.” विवेक वाल्मीकि द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर महापौर ने न सिर्फ पूर्ण सहमति जताई, बल्कि इसे आगामी बोर्ड की बैठक में पारित कराकर तत्काल धरातल पर लागू करने का कड़ा भरोसा दिया.

बैठक में लगी फैसलों की झड़ी: कर्मचारियों के हक में हुईं ये 9 ऐतिहासिक घोषणाएं

राहत कोष में जाएगा मेयर का वेतन: एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक घोषणा करते हुए महापौर अरविंद कुमार राणा ने दोहराया कि वह समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े सफाई कर्मचारियों के ‘राहत कोष’ के लिए अपने हर महीने का पूरा सरकारी वेतन दान करेंगे.

सालाना ₹1200 की वेतन वृद्धि: दैनिक मजदूरों के आर्थिक उन्नयन के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए उनके वेतन में हर साल ₹1200 की फिक्स वृद्धि करने का प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में लाकर पास कराया जाएगा.

आश्रित को तत्काल नौकरी और ₹10 हजार मदद: सेवाकाल के दौरान किसी भी सफाई कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार को दाह संस्कार के लिए ₹10,000 की नकद सहायता राशि तत्काल दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को बिना किसी कागजी विलंभ के तुरंत दैनिक मजदूरी पर काम पर रखा जाएगा.

4 /5 तारीख तक सैलरी की गारंटी: दैनिक और स्थायी (परमानेंट) दोनों प्रकार के सफाई कर्मचारियों की जेब समय पर गर्म हो, इसके लिए हर महीने की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से वेतन उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

संकट के समय ₹1 लाख तक का लोन: सफाई कर्मचारियों को वित्तीय संकट या किसी घरेलू आपातकाल के समय साहूकारों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए संबंधित बैंक से उन्हें तत्काल ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) तक का लोन दिलवाने की विशेष व्यवस्था नगर निगम करेगा.

सुरक्षा किट, वर्दी और आई-कार्ड: कर्मचारियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाली ‘सेफ्टी किट’ प्रदान की जाएगी. साथ ही साल में दो बार पूरी वर्दी और आधिकारिक पहचान पत्र दिया जाएगा.

श्रमिक कार्ड से मिलेगा सरकारी लाभ: नगर निगम के सभी सफाई कर्मियों का अनिवार्य रूप से ‘श्रमिक कार्ड’ बनाया जाएगा, ताकि उन्हें सरकार की सभी कल्याणकारी और पेंशन योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ मिल सके.

यूनियन को मिलेगा अपना कार्यालय: मजदूरों को अपनी समस्याओं पर चर्चा करने और संगठनात्मक बैठकें आयोजित करने के लिए नगर निगम प्रशासन की तरफ से एक भव्य सभागार या कार्यालय स्थल मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा.

इन प्रमुख लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक और सफल संवाद बैठक में मजदूर संगठन की कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य चुमु राम, गौतम राम, रविकांत कुमार सिंह, चंदन ठाकुर, मुकेश प्रजापति, मुकेश सिंह, बजरंग राम, अफजल खान, अहमद राजा, जम्मू अंसारी, जीवन तिवारी, जितेंद्र वाल्मीकि, सूरज राम, मनोहर राम और महेंद्र राणा समेत नगर निगम के सैकड़ों की संख्या में सफाई मित्र और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे. फैसले के बाद पूरे परिसर में मजदूरों ने ‘मजदूर एकता’ और ‘नगर निगम प्रशासन’ के समर्थन में जमकर नारे लगाए.

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