Hazaribagh: संजय सिंह क्रिकेट मैदान (पूर्व नाम वेल्स ग्राउंड) में हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एचडीसीए) द्वारा एक हाई-प्रोफाइल विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से एचडीसीए के चेयरमैन सह स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल, सचिव बंटी तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे. हाल के दिनों में स्थानीय विधायक प्रदीप प्रसाद और संगठन के बीच उपजे विवाद, वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और मैदान के इतिहास को लेकर चेयरमैन मनीष जायसवाल ने पत्रकारों के समक्ष हर मुद्दे पर बेहद बेबाकी और कड़ाई से अपनी बात रखी.

विवाद पर दो टूक: ‘नाराजगी थी तो संगठन से बात करते, कार्यकर्ताओं को लाना सदस्यता धर्म नहीं’
प्रेस वार्ता में हालिया विवाद और विधायक प्रदीप प्रसाद की नाराजगी पर बोलते हुए चेयरमैन मनीष जायसवाल ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा, कि विधायक प्रदीप प्रसाद जब मैदान आए, तब मैं स्वयं चेयरमैन और अध्यक्ष राजीव सिंह वहां मौजूद थे, लेकिन उन्होंने केवल सचिव बंटी तिवारी से ही बात करने की कोशिश की. जायसवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, “यदि उनकी नाराजगी संगठन से थी, तो वे सीधे मुझसे या अध्यक्ष से बात कर सकते थे. बातचीत होती तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता.” उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते दौर में अब सूचनाएं व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दी जाती हैं, व्यक्तिगत फोन कॉल या घर जाकर आमंत्रण देने की कोई परंपरा नहीं है. फिर भी, अगर उनकी शिकायत व्यक्तिगत निमंत्रण को लेकर है, तो एसोसिएशन आगे इसका ख्याल रखेगा. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि एक सदस्य के तौर पर शिकायत रखने के कई तरीके होते हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं की फौज लेकर मैदान पहुंचना और नाराजगी जाहिर करना सदस्यता धर्म के अनुरूप नहीं.
पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा, “मेरा व्यक्तिगत मानना है कि सुबह का भूला अगर शाम को वापस आ जाए, तो उसे गले लगाया जा सकता है. लेकिन, यदि छोटा भाई उद्दंड हो जाए और यह अपेक्षा रखे कि बड़ा भाई खुद झुककर उससे बात करे, तो मनीष जायसवाल ऐसा बड़ा भाई बिल्कुल नहीं है.” इस पर अंतिम फैसला संगठन की कमेटी लेगी.
संजय सिंह का योगदान अविस्मरणीय, इसलिए बदला गया मैदान का नाम
मनीष जायसवाल हजारीबाग क्रिकेट के पुरोधा स्वर्गीय संजय सिंह को याद करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि हजारीबाग क्रिकेट में संजय सिंह का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता. मैदान की जमीन दिलाने से लेकर पिच तैयार कराने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है. आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन संगठन उन्हें सदैव पहला सम्मान देता है. इसी सम्मान के तहत वार्षिक आमसभा में सर्वसम्मति से वेल्स क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर ‘संजय सिंह स्टेडियम’ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था.
यशवंत सिन्हा से लेकर प्रदीप प्रसाद तक: मैदान के विकास में सबका योगदान
यशवंत सिन्हा (पूर्व केंद्रीय मंत्री): ₹18 लाख की सहायता से बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया.
सौरभ नारायण सिंह (पूर्व विधायक): ₹4 लाख की मदद से ‘ओल्ड गेट’ का निर्माण कराया.
मनीष जायसवाल (सांसद, पूर्व विधायक): अपने विधायक कार्यकाल में ₹25 लाख से ग्राउंड निर्माण, ₹8 लाख से फेंसिंग और ₹4 लाख से बाउंड्री का काम कराया.
जयंत सिन्हा (पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री): ₹15 लाख की लागत से मुख्य द्वार (मेन गेट) का निर्माण कराया.
प्रदीप प्रसाद (वर्तमान विधायक): ₹15 लाख की सहायता से मैदान परिसर में पेवर ब्लॉक लगवाया. इसके अलावा जिला परिषद के सहयोग से पवेलियन और राज्य सरकार की मदद से फ्लड लाइट लगाई गई है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट से होता है ऑडिट, वित्तीय पारदर्शिता पर कोई सवाल नहीं
संगठन के संचालन और वित्तीय शुचिता पर बात करते हुए मनीष जायसवाल ने बताया, कि एचडीसीए सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड और जेएससीए से एफिलिएटेड एक मान्यता प्राप्त बॉडी है. संगठन हर साल जुलाई से अगस्त के बीच वार्षिक आमसभा आयोजित करता है. इसमें संगठन के आय-व्यय और क्रिकेट गतिविधियों का पूरा ब्यौरा रखने से पहले प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा पूरे खाते का विधिवत ऑडिट कराया जाता है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सत्र 2024-25 की एजीएम में जेएससीए की तर्ज पर अब एचडीसीए की कमेटी का कार्यकाल भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है.
रणजी ट्रॉफी हमारा अंतिम लक्ष्य, महिला क्रिकेट को मिलेगा बढ़ावा
सचिव बंटी तिवारी ने हजारीबाग के उन प्रतिभावान खिलाड़ियों के नाम साझा किए, जिन्होंने विभिन्न श्रेणियों में राज्य टीम का प्रतिनिधित्व कर जिले का मान बढ़ाया है. इनमें अमित कुमार यादव, सचिन कुमार यादव, जीवन पटेल, पंकज कुमार, शिवांश, राहुल रजक, मणिकांत, वर्षा कुमारी, रितिका कुमारी, अर्चना कुमारी और श्रेया साहा शामिल हैं.
संगठन ने सत्र 2022-23 से लेकर 2025-26 तक बीसीसीआई की कूच बिहार ट्रॉफी (झारखंड बनाम केरल मुकाबला) और कई राज्य स्तरीय अंडर-14, 16, 19 बालक व महिला वर्ग के टूर्नामेंटों में अपनी सक्रिय सहभागिता की रिपोर्ट पेश की. आगामी लक्ष्यों को साझा करते हुए सांसद जायसवाल ने कहा, कि जल्द ही हजारीबाग में जेपीएल (JPL) महिला क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और हमारा अंतिम संकल्प हजारीबाग के खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी के मंच तक पहुंचाना है.
