Ranchi : बिहार के बांका जिले के चर्चित बलिया संथाली टोला दोहरे हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी और महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है. मामले के मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, शनिवार सुबह बांका में हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की. जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी है.
रांची के ‘अमृत इन’ होटल में फरारी काट रहा था मुख्य आरोपी
बीते 5 जुलाई को हुए इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद से ही मुख्य आरोपी सचिन सिंह फरार चल रहा था. वह पुलिस की नजरों से बचने के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड की राजधानी रांची के स्टेशन रोड स्थित अमृत इन होटल में नाम बदलकर छिपा हुआ था. रांची के एसएसपी SSP राकेश रंजन को आरोपी के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली. जिसके बाद उनके निर्देश पर स्थानीय चुटिया थाना पुलिस ने बांका पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त जाल बुना. शुक्रवार को दोनों राज्यों की पुलिस ने होटल में छापेमारी कर सचिन सिंह को सुरक्षित दबोच लिया. पुलिस समन्वय की वजह से आरोपी किसी अन्य राज्य में भागने में असफल रहा.

हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल
रांची से कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी सचिन सिंह को बांका लाया गया. बांका के एसपी SP अमितेश कुमार ने बताया कि शनिवार की सुबह पुलिस टीम आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद करने बलिया संथाली टोला पहुंची थी. इसी दौरान सचिन सिंह ने अचानक पुलिसकर्मियों को झटका देकर खुद को छुड़ा लिया और वहां छिपी लोडेड पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की. जिसमें एक गोली सचिन सिंह के दाहिने पैर में लगी और वह वहीं गिर गया.
क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि बीते रविवार (5 जुलाई) की शाम को अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया संथाली टोला के पास अपराधियों ने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस वारदात में गरीबपुर पंचायत के धर्मराय गांव निवासी गुंजन सिंह (34 वर्ष) और सिंधु कुमार उर्फ सिट्टू सिंह (33 वर्ष) की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस सरेआम हुए डबल मर्डर से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था. पुलिस के अनुसार, मारे गए गुंजन सिंह और मुख्य आरोपी सचिन सिंह दोनों का ही पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. यह घटना आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम माना जा रहा है. घटना के बाद मुख्य आरोपी सचिन सिंह और उसका साथी सोमनाथ सिंह फरार हो गए थे. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोमनाथ सिंह को पहले ही बेगूसराय के तेघड़ा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.


