Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवं प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने भाजपा युवा मोर्चा के नेता श्रीनिवास कुमार की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताए जाने पर भाजपा की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कानून के तहत हुई है और इसे राजनीतिक रंग देकर भाजपा जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.
जाली दस्तावेज और हस्ताक्षर दुरुपयोग पर उठाए सवाल
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह न्यायालय में कथित रूप से जाली दस्तावेज पेश करने और सरकारी अधिकारी के हस्ताक्षर के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोपों का भी बचाव कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी की गिरफ्तारी उसके राजनीतिक विचारों के कारण नहीं, बल्कि दर्ज प्राथमिकी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाती है. कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, संबंधित सरकारी विभाग ने न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेज को फर्जी बताया था. इसके बाद सरकारी अभिलेखों और अधिकारी के हस्ताक्षर के कथित दुरुपयोग के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई और पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की. ऐसे में इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है.
सरकारी विभाग की शिकायत के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि संबंधित दस्तावेज असली है, तो वह इसका प्रमाण न्यायालय में पेश करे. प्रेस बयान देकर जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास उचित नहीं है. ऋषीकेश सिंह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, उनका इस्तेमाल करना और न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास गंभीर अपराध है. कानून सभी के लिए समान है और किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता.
दस्तावेज असली है तो अदालत में प्रमाण दें
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि यदि कोई निर्दोष है तो उसे न्यायालय से न्याय मिलेगा, लेकिन यदि किसी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होना जरूरी है. कांग्रेस ने भाजपा से अपील की कि वह तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करे और कानून को निष्पक्ष रूप से अपना काम करने दे.
