Bokaro: नावाडीह प्रखंड के ऊपरघाट स्थित पेंक पंचायत के विस्थापित ग्रामीण जाति और आवासीय प्रमाण पत्र को लेकर प्रशासनिक पेच में फंस गए हैं. अंचल कार्यालय द्वारा आवेदन खारिज किए जाने से करीब 800 परिवार प्रभावित हैं.

मूल स्थान से प्रमाण पत्र बनाने की शर्त
अंचल प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों को अपने मूल खतियानी अंचल से प्रमाण पत्र बनवाना होगा. वहीं बेरमो अंचल में वर्तमान जमीन की रसीद और आधार कार्ड में खतियानी पता मांगा जा रहा है, जबकि कोलियरी द्वारा जमीन अधिग्रहित किए जाने के कारण रसीद कटना संभव नहीं है.
राशन कार्ड पर भी संकट
ग्रामीणों के मुताबिक राशन डीलरों ने वर्ष 2024 के बाद बने नए जाति प्रमाण पत्र जमा करने को कहा है. ऐसा नहीं करने पर राशन कार्ड रद्द होने की आशंका जताई गई है. इससे गरीब परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है.
बच्चों के भविष्य की चिंता
प्रमाण पत्र नहीं बनने से स्कूली बच्चों को सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक लाभ से वंचित होने का डर है. ग्रामीणों का कहना है कि वे दिहाड़ी छोड़कर लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
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अधिकारियों से राहत की मांग
ग्रामीणों ने बेरमो SDM और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो को पत्र देकर समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि विस्थापित परिवारों के प्रमाण पत्र और राशन का अधिकार सुरक्षित किया जाए.

