Bokaro: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा और झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर बोकारो DC आवास का अनिश्चितकालीन घेराव और प्रदर्शन किया गया. सुबह 10 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम का नेतृत्व मोर्चा के बोकारो जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा ने किया. जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में विस्थापित, स्थानीय नागरिक, महिलाएं और युवा इसमें शामिल हुए.
DC से वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित
करीब एक बजे बोकारो DC ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए अपने आवास पर आमंत्रित किया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मांग-पत्र सौंपकर विस्थापितों, स्थानीय लोगों और झारखंड आंदोलनकारियों से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा.DC ने सभी मांगों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर संबंधित दस्तावेज और समस्याओं का विवरण कार्यालय में जमा कराया जाए, ताकि दोबारा बैठक कर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा सके. DC के इस आश्वासन के बाद मोर्चा ने अपना अनिश्चितकालीन घेराव कार्यक्रम अगले निर्णय तक स्थगित करने की घोषणा की.

नेताओं ने एकजुटता और संघर्ष जारी रखने का किया आह्वान
घेराव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोर्चा के केंद्रीय प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि विस्थापितों, स्थानीय लोगों और झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान, अधिकार और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संगठन हमेशा संघर्ष करता रहेगा. उन्होंने सभी प्रभावित लोगों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की. वहीं केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो और जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा ने कहा कि उनका जीवन झारखंड आंदोलनकारियों, विस्थापितों, स्थानीय युवाओं और बेरोजगारों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा.
15 अगस्त तक समाधान नहीं तो राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
कार्यक्रम में मौजूद हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 अगस्त 2026 तक बोकारो समेत पूरे झारखंड के विस्थापितों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा.
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इन प्रमुख मांगों को लेकर किया गया घेराव
- सभी शेष बचे झारखंड आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाए.
- विस्थापितों की करीब 70 वर्षों से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए.
- स्थानीय, विस्थापित और झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रित बेरोजगार युवाओं को बोकारो स्टील प्लांट सहित सरकारी, अर्धसरकारी और निजी संस्थानों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए.
- रोजगार के अभाव में हो रहे पलायन पर रोक लगाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए.
- जिले के सभी प्रखंडों और अंचलों में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं घूसखोरी पर तत्काल रोक लगाई जाए.


