Bokaro: जिले के बेरमो में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के येलो अलर्ट को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, नावाडीह ने जर्जर भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया है. सीडीपीओ ने डेगागड्डा और बुटबरिया आंगनबाड़ी केंद्रों के जर्जर भवन में संचालन पर नाराजगी जताते हुए संबंधित सेविकाओं को 24 घंटे के भीतर केंद्र स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया है.
सुरक्षित भवन में संचालन का निर्देश
सीडीपीओ ने सेविका सुनीता देवी (डेगागड्डा, केंद्र कोड-44) और कुंती देवी (बुटबरिया, केंद्र कोड-98) को निर्देश दिया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को जर्जर भवन से हटाकर नजदीकी प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय, पंचायत भवन, अन्य सुरक्षित सरकारी भवन या नियमानुसार किराए के मकान में संचालित किया जाए.
बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
महिला पर्यवेक्षिका कुन्तल रानी की रिपोर्ट में सामने आया था कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जर्जर भवनों में ही केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. प्रशासन ने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है. सीडीपीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश के बाद भी यदि जर्जर भवन में केंद्र चलता रहा और किसी तरह की दुर्घटना होती है, तो इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी संबंधित सेविका की होगी. विभागीय निर्देशों की अनदेखी और लापरवाही पाए जाने पर चयन रद्द करने समेत कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

सेविका ने बताई समस्या
वहीं बुटबरिया आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका कुंती देवी ने बताया कि केंद्र भवन काफी जर्जर है और इसे लेकर कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक शिफ्टिंग नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि बुटबरिया आदिवासी बहुल गांव है, जहां अधिकांश घर छोटे हैं. ऐसे में निजी मकान में केंद्र शिफ्ट करना मुश्किल है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किराए के भवन में केंद्र चलता है तो उसका भुगतान कौन करेगा. फिलहाल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 24 घंटे के भीतर सुरक्षित स्थान पर केंद्र संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
