बोकारो: इस वित्तीय वर्ष में MDM का नहीं मिला पैसा, स्कूल प्रबंधन की बढ़ी परेशानी, MDM बंद होने का मंडरा रहा खतरा

Bokaro: सरकारी स्कूलों में एमडीएम बंद होने का खतरा मंडराने लगा है, हालांकि वर्तमान में दुकानदार के साथ तालमेल कर स्कूल प्रबंधन...

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Bokaro: सरकारी स्कूलों में एमडीएम बंद होने का खतरा मंडराने लगा है, हालांकि वर्तमान में दुकानदार के साथ तालमेल कर स्कूल प्रबंधन द्वारा नियमित एमडीएम की व्यवस्था की जा रही है. लेकिन सरकार द्वारा फंड उपलब्ध नहीं कराये जाने से स्कूल प्रबंधन की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है. ऐसा भी नहीं कि सरकार बिल्कुल भी फंड जारी नहीं कर रही है. जानकारी अनुसार अंडा के लिए तो फंड मिल रहा है, लेकिन कुकिंग का फंड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बोकारो जिले के सभी स्कूलों को कुकिंग कॉस्ट नहीं मिला है. जबकि अंडे की राशि प्राप्त हुई है, उस राशि यानी से ही स्कूली बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो इस वित्तीय वर्ष में केवल चार दिन की राशि विभाग को प्राप्त हुआ है.

अंडे के लिए सरकारी रेट 6 रुपए जबकि बाजार मूल्य 8 रुपए

सरकार 6 रूपये प्रति अंडा के दर के हिसाब से भुगतान करती है, जबकि एक अंडा का बाजार मूल्य 8 रूपये से अधिक हैं. ऐसी स्थिति में बच्चों को अंडे उपलब्ध कराना शिक्षकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. केंद्र एवं राज्य की दोनों सरकारें स्कूली बच्चों और उनके मध्याह्न भोजन की कितनी चिंता करती है, वह इस सच्चाई से सामने आने लगी है.

केंद्रांश की राशि नहीं मिलने से हो रही दिक्कत

जानकार बताते हैं कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को केन्द्रांश की राशि उपलब्ध नहीं करवाई है. लिहाजा राज्य भर के स्कूलों को कुकिंग कॉस्ट नहीं मिला है. स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के विवेक या उसके इमेज पर उधार में बच्चों के थाली में भोजन परोसे जा रहे हैं. वैसे 45 दिन के लिए अंडे की राशि स्कूलों को दी गई है, साथ स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि अंडे की राशि को कुकिंग कॉस्ट में खर्च किया जाय. कुकिंग कॉस्ट भुगतान होने पर उसे समायोजित करने की बात कही गई है. सवाल यह है कि क्या अंडे की राशि से कुकिंग कॉस्ट की भरपाई हो पायेगी? पूर्व के बकाये राशि को हेडमास्टर चुका पाएंगे? जबकि इस वित्तीय वर्ष में फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है. मध्य विद्यालय बीएमपी के प्रधानाध्यक सुनील कुमार टुडु ने कहा कि उन्हें उधार लेकर मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना पड़ रहा है, अंडे की राशि भी दूसरे मद में खर्च हो रहे है. डीईओ अतुल चौबे ने बताया कि राशि शीघ्र ही उपलब्ध होगी, फिलहाल सभी स्कूलों को अंडे की राशि उपलब्ध कराई गई है तथा अंडे की राशि को कुकिंग कॉस्ट में खर्च करने की आदेश दी गई है.

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