Bokaro: DVC में विद्युत दुर्घटनाओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से पूरे निगम क्षेत्र में राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है. इस विशेष अभियान के तहत डीवीसी के सभी थर्मल पावर स्टेशनों, हाइड्रो पावर स्टेशनों और सब-स्टेशनों में कार्यरत विद्युत कर्मियों के लिए एक सुरक्षित कार्य माहौल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है साथ ही, कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों (पीपीई किट) को अनिवार्य रूप से पहनने की आदत विकसित करने के लिए कई जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.
डीवीसी के 43 अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
इस सुरक्षा सप्ताह के माध्यम से पूरे निगम के विद्युत कर्मी उपकरणों के सुरक्षित संचालन और उनके बेहतर रख-रखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.डीवीसी की इस सुरक्षा पहल को आगे बढ़ाते हुए चंद्रपुरा स्थित डीवीसी प्रशिक्षण संस्थान ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. संस्थान द्वारा भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी इंडिया), मुंबई के प्रतिष्ठित विद्युत सुरक्षा विशेषज्ञ कमल प्रमाणिक के माध्यम से पूरे डीवीसी क्षेत्र के अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन चंद्रपुरा स्थित डीवीसी के प्रशिक्षण संस्थान में किया गया. इस पूरे कार्यक्रम का कुशल निर्देशन प्रशिक्षण संस्थान की प्रमुख मीरा भाखला द्वारा किया गया.प्रशिक्षण सत्र का विधिवत उद्घाटन चंद्रपुरा के परियोजना प्रधान सह मुख्य महाप्रबंधक राम कुमार अनुभवी ने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए डीवीसी के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 43 अधिकारी चंद्रपुरा पहुंचे थे. इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य इन 43 अधिकारियों को ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में तैयार करना है, ताकि ये सभी अधिकारी वापस अपने-अपने फील्ड में जाकर अन्य अधीनस्थ कर्मियों को विद्युत सुरक्षा का कड़ा पाठ पढ़ा सकें और डीवीसी की ‘जीरो एक्सीडेंट’ नीति को धरातल पर पूरी तरह सफल बना सकें.



