Palamu: झारखंड क्रांति मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड समेत पलामू जिले में दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी अंधविश्वास, झाड़-फूंक और ओझा-गुणी जैसी कुप्रथाओं के प्रभाव में है. उन्होंने कहा कि इसके कारण लगातार गंभीर और अप्रिय घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे समाज पर नकारात्मक असर पड़ रहा है.
शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने नावाबाजार प्रखंड के रबदा अंबेडकर ग्राम स्थित अपने आवास से जारी बयान में पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षर और निरक्षर, दोनों वर्गों के लोग अंधविश्वास के जाल में फंस जाते हैं.
जागरूकता अभियान के दावों पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन डायन प्रथा और अंधविश्वास उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है. उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ओझा-गुणी के नाम पर सक्रिय लोग अशिक्षित और सीधे-साधे ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं, जिससे कई बार आपसी विवाद और हिंसा की स्थिति पैदा हो जाती है.

वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की अपील
झारखंड क्रांति मंच के केंद्रीय अध्यक्ष ने शैक्षणिक संस्थानों और समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा और तार्किक सोच का व्यापक प्रसार नहीं होगा और कुप्रथाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक लोगों को अंधविश्वास के चंगुल से बाहर निकालना और समाज को जागरूक बनाना बड़ी चुनौती बनी रहेगी.
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