Bermo: राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा जारंगडीह स्थित केबी कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण के निर्देश एवं कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रभाकर कुमार के नेतृत्व में बुधवार को डीवीसी उच्च विद्यालय, बोकारो थर्मल में गुप्त नवरात्रि के अवसर पर पॉक्सो जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अवसर पर प्राचार्य ने नवरात्रि के महत्व को बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के संकल्प से जोड़कर रेखांकित किया.
विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून और बाल अधिकारों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि यह अधिनियम 14 नवंबर 2012 को लागू हुआ था, जिसके तहत 18 वर्ष से कम आयु के सभी व्यक्तियों को बच्चा माना गया है. बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए वर्ष 2019 में इसमें संशोधन कर मृत्युदंड जैसे कठोर प्रावधान जोड़े गए तथा वर्ष 2020 में नए नियम अधिसूचित किए गए. स्पष्ट किया गया कि पॉक्सो एक गंभीर एवं संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस आरोपी को बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है. यह गैर-जमानती अपराध है और इसमें अग्रिम जमानत का कोई प्रावधान नहीं है.
‘जागरूकता ही बचाव है’ के संदेश के साथ आयोजित इस अभियान में स्कूल के प्राचार्य धनंजय कुमार, रमेश कुमार, शिक्षिका छाया कुमारी, सुकेश प्रजापति, दिनेश कुमार महतो, अमर कांत मालवीय, एसके झा, बिमलेश दत्त मिश्रा सहित एनएसएस स्वयंसेवक अंतरा कुमारी, रिया कुमारी, सोनी कुमारी, सुमीत कुमार सिंह, सोनू कुमार शर्मा, हरिश्चंद्र सिंह, अमन तिवारी, नीतू कुमारी, रेशमा परवीन, काजल कुमारी, मोहिनी कुमारी और करण कर्मकार की सक्रिय उपस्थिति रही.
