रीना देवी प्रकरण में नया मोड़: फुरकान अंसारी करेंगे समझौते की पहल, बोले- जामताड़ा की शांति हर हाल में बनी रहनी चाहिए 

Jamtara: जामताड़ा सदर अस्पताल में हाल ही में हुई घटना को लेकर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने बुधवार को अपने जामताड़ा स्थित...

Furkan Ansari
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी व अन्य

Jamtara: जामताड़ा सदर अस्पताल में हाल ही में हुई घटना को लेकर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने बुधवार को अपने जामताड़ा स्थित आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता कर भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अस्पताल में हुई घटना को राजनीतिक रंग देकर भाजपा ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया है. साथ ही उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर पूरे मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की भी बात कही.

पीड़ित परिवार को अस्पताल या डॉक्टरों से कोई शिकायत नहीं- फुरकान अंसारी

प्रेस वार्ता के दौरान फुरकान अंसारी ने कहा कि घटना के समय वह जामताड़ा में मौजूद नहीं थे. उन्हें अखबारों के माध्यम से घटना की जानकारी मिली. जामताड़ा लौटने के बाद उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार ने उनसे कहा कि उन्हें अस्पताल या डॉक्टरों से कोई शिकायत नहीं है और कुछ राजनीतिक लोग उन्हें अलग-अलग तरह की बातें कहने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन परिवार ने स्पष्ट कहा कि वे केवल सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते.

घटना का राजनीतिक लाभ उठाना भाजपा का उद्देश्य 

पूर्व सांसद ने कहा कि कम उम्र में विवाह और लगातार कम उम्र में गर्भधारण महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा होता है. उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला की कम उम्र में शादी हुई थी और 18 वर्ष की आयु तक तीन बार प्रसव हो चुका था. ऐसी परिस्थितियों में मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि समाज को भी इस विषय पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का उद्देश्य पीड़ित परिवार की मदद करना नहीं था, बल्कि इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाना था. उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति नफरत, हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद जैसे मुद्दों पर आधारित है. इसी मानसिकता के कारण अस्पताल में अनावश्यक हंगामा किया गया.

अस्पताल में हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं

फुरकान अंसारी ने अस्पताल में तोड़फोड़, मरीजों को परेशान करने और डॉक्टरों के साथ कथित हाथापाई की घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती. विशेषकर महिला डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. उन्होंने कहा कि यदि किसी को अपनी बात रखनी थी, तो शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया जा सकता था, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था को प्रभावित करना और मरीजों के इलाज में बाधा डालना गलत है. उन्होंने भाजपा नेताओं से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा, कि इस तरह की राजनीति से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता.

डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर समाधान निकालने का किया जाएगा प्रयास- पूर्व सांसद

पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि घटना को लेकर कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि वह डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से मिलकर बातचीत करेंगे तथा प्रयास करेंगे कि यदि संभव हो तो आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाले और जिले का माहौल सामान्य हो. उन्होंने कहा कि जामताड़ा भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द की धरती है. यहां नफरत की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने भाजपा को सलाह देते हुए कहा कि यदि वह जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करती, तो लोग उसका स्वागत करते, लेकिन निजी और राजनीतिक दुर्भावना से किए गए ऐसे कार्य केवल नुकसान पहुंचाएंगे. प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष विजय दुबे, जिला प्रवक्ता इरशाद-उल-हक अर्शी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे.

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