रांची/बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में ट्रेजरी से अवैध रूप से राशि निकालने के बड़े मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल ने इस कांड के मुख्य आरोपियों में से एक, अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार कर लिया है. अशोक कुमार भंडारी बोकारो जिले में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर तैनात थे और वर्तमान में बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त थे.
क्या है पूरा मामला?
झारखंड सरकार के आदेश पर सीआईडी रांची ने बोकारो ट्रेजरी से अवैध निकासी से संबंधित कांड संख्या 06/26 की जांच शुरू की थी. जांच के दौरान यह पाया गया कि ट्रेजरी से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये की राशि निकाली गई है. इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
जाने कैसे होता था अवैध निकासी का खेल?:
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार एएसआई।अशोक कुमार भंडारी, इस मामले के मुख्य आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय का प्रमुख सहयोगी था. आरोपी कौशल कुमार पाण्डेय के सहयोग से गलत तरीके से कमान निर्गत किए जाते थे. इन गलत कमानों के आधार पर फर्जी टीए बिल बनाए जाते थे और ट्रेजरी से पैसे निकाले जाते थे. आरोपी कौशल कुमार पाण्डेय के खाते से लगभग 50 लाख रुपये अशोक कुमार भंडारी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे.
1.11 करोड़ से ज्यादा का गबन:
एसआईटी की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि वर्ष 2020 से लेकर अब तक आरोपियों ने मिलकर 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अवैध रूप से अपने बैंक खातों के माध्यम से निकाली है.
