News Wave Desk: संगीत हमें खुश या उदास कर सकता है और हमारे दिमाग को भी जागरूक कर देता है. जब हम कोई अच्छा गीत सुनते हैं, तो हमारे केवल कान ही नहीं, पूरा दिमाग सक्रिय हो जाता है. वैज्ञानिकों ने पाया है कि संगीत सुनते समय दिमाग के कई हिस्से एक साथ काम करते हैं.
संगीत का प्रभाव इतना गहरा होता है कि यह हमारी भावनाओं, स्मृतियों और यहां तक कि सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करता है. जब हम किसी पसंदीदा गीत को सुनते हैं, तो डोपामिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो हमें आनंद और प्रेरणा का अनुभव कराता है. कई बार तो संगीत सुनते-सुनते हम खुद को उसी धुन में डूबा हुआ महसूस करते हैं मानो पूरा मन और मस्तिष्क संगीत बन गया हो.


संगीत: मन की मास्टर चाबी
संगीत हमेशा हमारे दिमाग और भावनाओं को छूता है. यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि मन की स्थिति बदलने का सबसे तेज़ और असरदार तरीका है.
दिमाग की केमिस्ट्री पर असर
जब हम अपना पसंदीदा संगीत सुनते हैं, तो दिमाग में डोपामिन नाम का “खुशी का केमिकल” रिलीज होता है. यही वजह है कि गाना सुनकर मूड अच्छा हो जाता हैं.धीमा और शांत संगीत सेरोटोनिन बढ़ाता है और कोर्टिसोल , यानी तनाव का हार्मोन, कम करता है. इसीलिए पूजा, ध्यान या तनाव में भजन और धीमी धुनें सुनने से मन शांत होता है.

पूरा दिमाग सक्रिय हो जाता है
संगीत सुनते समय दिमाग का सिर्फ एक हिस्सा नहीं, बल्कि कई हिस्से एक साथ काम करते हैं. ऑडिटरी कॉर्टेक्स आवाज समझता है, एमिग्डाला भावनाएं जगाता है, और हिप्पोकैम्पस यादें ताजा करता है. इसीलिए बचपन का कोई गाना सुनते ही पुरानी यादें आँखों के सामने आ जाती हैं. मोटर कॉर्टेक्स के कारण ही हम अनजाने में पैर थिरकाने लगते हैं.
ब्रेनवेव्स और मन की अवस्था
संगीत हमारी ब्रेनवेव्स को भी बदलता है. तेज संगीत बीटा वेव्स जगाकर हमें सतर्क करता हैं. शास्त्रीय संगीत या मंत्र अल्फा और थीटा वेव्स जगाता हैं.

संगीत मन की भाषा बोलता है लय, कंपन और भावना. .इसीलिए जब हम संगीत सुनते हैं, तो कुछ पलों के लिए हमारा मन खुद संगीत बन जाता है.
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