Ranchi: झारखंड के युवाओं के भविष्य को लेकर झारखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में मंत्रियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद JSSC-CGL परीक्षा और TDPL के जरिए ली गई सभी परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द करने की घोषणा की है. सरकार के इस फैसले से राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. CM ने दो टूक शब्दों में कहा है कि SIT और CID की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे एक बड़े नेटवर्क की संलिप्तता का अंदेशा होता है.

IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन
CM ने कहा कि पिछले कई दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे युवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे उन्हें अलग खेमा नहीं मानते हैं. मंत्रियों के साथ हुई बैठक में छात्रों की कई मांगों को सुलझा लिया गया है. परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा. परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए छात्र, अभिभावक और शिक्षक पोर्टल पर अपने बहुमूल्य सुझाव साझा कर सकते हैं. सरकार ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए कड़े कानून बनाए हैं और उन्हें पूरी क्षमता के साथ लागू करने का संकल्प भी लिया है.
ऑपरेशन पूरी तरह से हो, CM हेमंत सोरेन का कड़ा रुख
प्रोजेक्ट भवन में लगभग चार घंटे तक चली मंत्रियों की मैराथन बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गड़बड़ियों के इस बड़े नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा. CID को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा, कि जब ऑपरेशन हुआ ही है, तो ऑपरेशन पूरी तरह से हो. उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि SOP का कड़ाई से पालन किया जाता, तो इस तरह की खामियां सामने नहीं आतीं.
नए खनन कानून पर विशेष सत्र की तैयारी
बैठक के दौरान खनन कानूनों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि नए खनन कानून पर गहन मंथन करने के लिए जल्द ही सभी लोग फिर से एकत्रित होंगे. यदि आवश्यकता पड़ी, तो इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जाएगा.
क्या लिया गया है फैसला
- JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाएं रद्द: TDPL द्वारा आयोजित की गईं सभी परीक्षाएं और उनके सभी रिजल्ट्स को रद्द कर दिया गया है.
- 2014 से अब तक की सभी परीक्षाओं की जांच: वर्ष 2014 से लेकर अब तक जितनी भी परीक्षाएं हुई हैं, वे सभी अब जांच के दायरे में होंगी.
- रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में होगी संपूर्ण जांच: पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में संपूर्ण जांच कराई जाएगी.
- SIT और CID को सख्त निर्देश: CM ने साफ निर्देश दिए हैं कि जांच एजेंसियों को मामले की तह तक जाकर पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए.

