News Wave Desk: उत्तर प्रदेश के आगरा में आयकर अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह का लापता पालतू तोता ‘माऊ’ अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है. तोते को खोजकर लाने वाले के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा के बाद अब तक 700 से अधिक लोग उनसे संपर्क कर चुके हैं. कई लोगों ने दावा किया कि माऊ उनके पास है, लेकिन जांच के बाद सभी दावे गलत साबित हुए. दो लोग तो अपने साथ तोता लेकर अधिवक्ता के घर भी पहुंचे, लेकिन पहचान करने पर वह माऊ नहीं निकला. माऊ की तलाश अब एक बड़े अभियान का रूप ले चुकी है. शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं. शनिवार सुबह से ही सुनील कुमार सिंह के मोबाइल पर लगातार फोन आ रहे हैं. करीब 150 लोगों ने तोते की फोटो और वीडियो भी भेजी, लेकिन उनमें से कोई भी माऊ नहीं था.
देशभर से आ रहे हैं कॉल
माऊ की तलाश सिर्फ आगरा तक सीमित नहीं रही. सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, उन्हें गुजरात, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, नोएडा, जमशेदपुर और रांची समेत कई राज्यों और शहरों से कॉल आ चुके हैं. हर कॉल करने वाला यही दावा कर रहा है कि असली माऊ उसके पास है.
इनाम के लालच में तोते को बना रहे ‘माऊ’
50 हजार रुपये के इनाम ने कुछ लोगों को गलत तरीके अपनाने पर भी मजबूर कर दिया है. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि माऊ की पहचान उसकी नीचे वाली चोंच और पंखों पर मौजूद काले धब्बों से होती है. यह जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कई लोगों ने दावा किया कि उनके पास भी ऐसा ही तोता है. इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने अपने तोते की चोंच और पंखों पर काला रंग तक लगा दिया, ताकि उसे माऊ साबित कर इनाम हासिल किया जा सके.
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होर्डिंग, पोस्टर और पंपलेट पर लाख रुपये का खर्च
सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 13 जुलाई से माऊ की तलाश में उनका परिवार लगातार जुटा हुआ है. अब तक इस अभियान पर करीब एक लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. इसमें करीब 80 हजार रुपये सिर्फ होर्डिंग लगाने पर खर्च हुए हैं. इसके अलावा रोजाना चार हजार पंपलेट बांटे जा रहे हैं और शहरभर में पांच हजार से ज्यादा पोस्टर लगाए जा चुके हैं. जहां से भी माऊ के दिखने की सूचना मिलती है, परिवार तुरंत वहां पहुंच जाता है.
अब प्रशिक्षित तोता पकड़ने वाले भी तलाश में जुटे
माऊ को खोजने के लिए अब चार प्रशिक्षित तोता पकड़ने वाले युवक भी अभियान में शामिल हो गए हैं. ये लोग तोतों की आवाज पहचानने और उनकी आवाज निकालने में माहिर हैं. उन्हें माऊ की आवाज और वीडियो दिखाया गया है, जिसके आधार पर वे शहर के पेड़ों, बागों और खुले इलाकों में उसकी तलाश कर रहे हैं. उन्होंने अग्रिम रूप से दो हजार रुपये लिए हैं और भरोसा दिलाया है कि माऊ को खोजने के बाद ही वापस लौटेंगे.
