Train Viral Video: भारत में ट्रेनों में सफर के दौरान अलग-अलग तरह की तस्वीरें और वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं. इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो चर्चा में है, जिसमें चलती ट्रेन के अंदर पूजा-अर्चना होती दिखाई दे रही है. वीडियो सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि क्या रेलवे ट्रेन के भीतर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देता है. अब इस पूरे मामले पर रेलवे ने अपनी ओर से सफाई जारी की है.
रेलवे ने की एक्स अकाउंट पर स्थिति स्पष्ट
इन सवालों के बीच उत्तरी रेलवे ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर स्थिति स्पष्ट की है. रेलवे के अनुसार, यह पूजा किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं बल्कि निजी तौर पर बुक की गई सैलून कार के अंदर आयोजित की गई थी. यह सैलून कार आईआरसीटीसी के माध्यम से वाणिज्यिक बुकिंग के तहत आवंटित की गई थी.

सैलून कार की बुकिंग कराई गई थी
रेलवे ने बताया कि संबंधित सैलून कार की बुकिंग 8 जुलाई 2026 को की गई थी. इसके लिए बुकिंग कराने वाली पार्टी ने 3,08,580 रुपये का अग्रिम भुगतान किया था. इस सैलून कार को 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से मुंबई जाने वाली ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस के साथ जोड़ा गया था.
क्या होती है सैलून कार
सैलून कार रेलवे का एक विशेष और लग्जरी कोच होता है, जिसे आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारियों या विशेष बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया जाता है. इसमें वातानुकूलित बेडरूम, बैठक कक्ष, भोजन कक्ष, रसोई और संलग्न शौचालय जैसी सुविधाएं मौजूद रहती हैं. निजी बुकिंग के जरिए इसका उपयोग विशेष यात्राओं और आयोजनों के लिए किया जा सकता है.
सुरक्षा पर भी रेलवे ने दिया बयान
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा, समयबद्ध संचालन और सुविधाएं उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं. विभाग ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला धार्मिक अनुष्ठान पूरी तरह निजी तौर पर बुक की गई सैलून कार के भीतर आयोजित किया गया था. इस दौरान किसी प्रकार की सुरक्षा संबंधी घटना या किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है.
