Ajay Dayal
Ranchi : अगर आप शराब पीकर वाहन चलाने को बहादुरी समझते हैं, तो संभल जाइए. रांची की सड़कों पर अब आपकी एक गलती न सिर्फ आपकी जेब खाली करेगी, बल्कि आपको सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकती है. नशेड़ियों और लापरवाह चालकों पर नकेल कसने के लिए रांची पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आक्रामक अभियान छेड़ दिया है. अब सड़क पर झूमना आपको 15 हजार रुपये का भारी जुर्माना या दो साल तक की जेल की सजा दिला सकता है.

हादसों पर लगेगा ब्रेक
राजधानी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने ट्रैफिक पुलिस को कड़े निर्देश जारी किए हैं. रांची के आठ प्रमुख ट्रैफिक थानों, जगन्नाथपुर, डोरंडा, चुटिया, डेलीमार्केट, लालपुर, गोंदा, पंडरा और खेलगांव की पुलिस हर दिन सड़कों पर मुस्तैद है. पुलिस का मुख्य उद्देश्य सड़कों को सुरक्षित बनाना है. जिसका सकारात्मक असर नए साल के दौरान भी देखने को मिला, जब दुर्घटनाओं के ग्राफ में भारी गिरावट दर्ज की गई.
अब तक 724 पर गिरी गाज
ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. वर्ष 2025 से अब तक लगभग 15,000 वाहनों की सघन जांच की गई. जिसमें 724 चालक नशे की हालत में दबोचे गए. राजधानी रांची में हर महीने औसतन 49 लोग नशे में गाड़ी चलाते पकड़े जा रहे हैं. पुलिस की यह सक्रियता बताती है कि कानून तोड़ने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है.
मशीन के बाद मेडिकल का शिकंजा
- ट्रैफिक पुलिस के पास वर्तमान में 30 से अधिक आधुनिक ब्रेथ एनलाइजर मशीनें हैं.
- चालक को मशीन के पाइप में फूंक मारने को कहा जाता है.
- यदि ब्लड में अल्कोहल की मात्रा 30 मिली ग्राम या उससे अधिक पाई जाती है, तो तत्काल कार्रवाई शुरू होती है.
- मशीन की रीडिंग के बाद आरोपी को मेडिकल जांच के लिए भेजा जाता है. डॉक्टर की रिपोर्ट और मशीन के आंकड़ों के मिलान होते ही केस सीधे कोर्ट भेज दिया जाता है.
पहली और दूसरी गलती की भारी कीमत
- पहली बारः 10 हजार रुपये जुर्माना या 6 महीने तक की जेल.
- दूसरी बारः 15 हजार रुपये जुर्माना या सीधे 2 साल तक की कैद.
- कोर्ट की सजा के साथ-साथ चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है.
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