Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड की सिमिदीरी पंचायत स्थित सिमिदीरी गांव की प्रगतिशील महिला किसान पदमा महतो ने आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के तहत मिले तकनीकी मार्गदर्शन और उन्नत धान बीजों की मदद से उन्होंने धान उत्पादन और आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है.

वैज्ञानिक खेती से बढ़ा उत्पादन और आय
करीब दो एकड़ भूमि पर खेती करने वाली पदमा महतो पहले पारंपरिक तरीके से स्थानीय धान की खेती करती थीं. वर्षा पर निर्भर खेती और कम उत्पादन के कारण उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पा रही थी. एक वर्ष कम बारिश के चलते उन्हें केवल 8 से 9 क्विंटल धान का उत्पादन मिला, जिससे आय भी सीमित रही.
बाद में कृषि विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद उन्होंने वैज्ञानिक खेती अपनाई. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के तहत उन्हें सुखारोधी IR-64 DRT धान किस्म के लगभग 40 किलोग्राम बीज, कृषि आदान और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया गया. विभाग के मार्गदर्शन में खेत की तैयारी, समय पर रोपाई, संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन अपनाने से उत्पादन में बड़ा बदलाव आया.
पारंपरिक खेती में जहां उन्हें लगभग 9.25 क्विंटल धान का उत्पादन मिलता था, वहीं आधुनिक तकनीक अपनाने के बाद उत्पादन बढ़कर 28.80 क्विंटल हो गया. धान बिक्री से आय 18,500 रुपये से बढ़कर 57,600 रुपये पहुंच गई, जबकि बेहतर प्रबंधन के कारण शुद्ध बचत 5,400 रुपये से बढ़कर करीब 41,700 रुपये हो गई.
दूसरे किसानों के लिए बनीं प्रेरणा
आज पदमा महतो स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अन्य महिला किसानों और युवाओं को आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं. उनका कहना है कि कृषि विभाग के प्रशिक्षण और उन्नत बीजों ने उनकी सोच बदल दी है तथा अब खेती पहले की तुलना में अधिक लाभदायक हो गई है.
जिला कृषि पदाधिकारी अमरजीत कुजूर ने कहा कि विभाग किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. वहीं उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि पदमा महतो की सफलता इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का समुचित उपयोग कर किसान अपनी आय बढ़ाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं.

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