Ranchi: संताल परगना के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित तांतलोई गांव का प्रसिद्ध प्राकृतिक गर्म पानी झरना अब नए और व्यवस्थित स्वरूप में नजर आएगा. ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, दुमका ने इस कुदरती धरोहर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए 24 लाख 87 हजार 141 रुपये की लागत से विकास कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी है. योजना के पूरा होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा.


क्यों खास है तांतलोई का झरना
तांतलोई का यह गर्म पानी का कुंड केवल एक प्राकृतिक झरना नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक, औषधीय और प्राकृतिक रूप से बड़ा महत्व है. चर्म रोगों से राहत (औषधीय महत्व): भूगर्भीय विशेषताओं के कारण इस प्राकृतिक झरने के पानी में प्रचुर मात्रा में सल्फर (गंधक) और अन्य खनिज पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसमें स्नान करने से त्वचा संबंधी कई तरह की बीमारियों और वात (जोड़ों के दर्द) में चमत्कारी राहत मिलती है। दूर-दराज से लोग यहां विशेष रूप से स्नान करने पहुंचते हैं. धार्मिक आस्था और पर्यटन: स्थानीय मान्यता के अनुसार इस कुंड के जल को पवित्र माना जाता है. सर्दियों के मौसम में और खासकर मकर संक्रांति के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है.सालाना जुटते हैं हजारों सैलानी: झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और बिहार से भी हर साल हजारों की संख्या में सैलानी यहां पिकनिक मनाने और गर्म पानी के कुंड का आनंद लेने पहुंचते हैं.
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