Chakradharpur: कुडुख भाषा एवं तोलोंग सिकी लिपि के संरक्षण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में इसके शिक्षण के विस्तार के उद्देश्य से रविवार को सरना स्थल पेल्लो टुंगरी, बनमालीपुर (चक्रधरपुर) में शिक्षक भर्ती परीक्षा का सफल आयोजन किया गया. यह परीक्षा उरांव सरना समिति एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई.
46 अभ्यर्थी हुए शामिल
परीक्षा में कोल्हान क्षेत्र के मनोहरपुर, पूरनापानी, तिरला, नदपुर, कुमारमुंडा, रबंगदा, डोमलाई, उरकिया, चाईबासा, इचापुर, हेस्साडीह, भालूपानी, कंकोसी और चक्रधरपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से कुल 48 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 46 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 2 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई. आयोजन का मुख्य उद्देश्य कुडुख भाषा एवं तोलोंग सिकी लिपि के संरक्षण को सशक्त बनाते हुए योग्य शिक्षकों का चयन करना है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी कुडुख भाषा का प्रभावी शिक्षण सुनिश्चित किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों तक मातृभाषा एवं लिपि का संरक्षण हो सके.
आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही सक्रिय भूमिका
इस अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन के मैनेजर (ट्राइबल आइडेंटिटी) आनंद बोईपाई, उरांव सरना समिति के अध्यक्ष विमल खलखो, सचिव अरुण टोप्पो, उपाध्यक्ष सोमनाथ कोया, उप-कोषाध्यक्ष सूरज टोप्पो, किरण खलखो, समिति के पाहन सोमरा टोप्पो, सलाहकार जीतू कच्छप, चंद्रनाथ लकड़ा, पूर्णचंद्र खलखो, शिव प्रसाद मिंज, मनोज कोया, राजेश मिंज एवं दशरथ कच्छप सहित समिति के कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि यह पहल कुडुख भाषा एवं तोलोंग सिकी लिपि के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
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