चक्रधरपुर: रेल मंत्रालय ने दक्षिण पूर्व रेलवे को दो नई परियोजनाओं के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी प्रदान की है. इनमें पांड्रासाली–कांड्रा के बीच चौथी एवं पांचवीं रेल लाइन का निर्माण तथा टाटानगर के निकट एक सैटेलाइट स्टेशन के रूप में नया कोचिंग टर्मिनल शामिल है. इन दोनों परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन की तैयारी हेतु कुल 1.812 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. पांड्रासाली और कांड्रा के बीच प्रस्तावित चौथी एवं पांचवीं रेल लाइन चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत 42 किमी की दूरी को कवर करेगी. इस सर्वेक्षण को अनुमानित 1.26 करोड़ रुपये की लागत पर स्वीकृति दी गई है.
क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित अतिरिक्त रेल लाइनें, जो राज-खरसावां और सिनी को बायपास करेंगी. इस व्यस्त खंड पर रेल क्षमता बढ़ाने तथा भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है. इस परियोजना से यात्री एवं मालगाड़ियों के सुचारू और अधिक कुशल संचालन में सहायता मिलने की उम्मीद है, जिससे समग्र परिचालन दक्षता में सुधार होगा. परियोजना के कार्यान्वयन के पश्चात क्षेत्रीय संपर्कता मजबूत होगी, माल परिवहन में वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
55.20 लाख रुपये की अनुमानित लागत निर्धारित
टाटानगर के निकट प्रस्तावित कोचिंग टर्मिनल के लिए 55.20 लाख रुपये की अनुमानित लागत निर्धारित की गई है. यह नया कोचिंग टर्मिनल ट्रेनों के प्रारंभ, समापन, ठहराव तथा रखरखाव के लिए एक सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. बढ़ते रेल यातायात और यात्री मांग को देखते हुए, इस टर्मिनल का विकास ट्रेन संचालन को सुव्यवस्थित करने, टर्नअराउंड समय कम करने तथा समयपालन में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
यह भी पढ़ें: महिला आरक्षण बिल का गिरना जनता की जीत, बेनकाब हुआ केंद्र का ‘चुनावी हथकंडा: केशव महतो कमलेश
