Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तमिलनाडु में बंधक बनाए गए पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) के सैकड़ों मजदूरों की सुरक्षा और उनकी सकुशल घर वापसी के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है. रोजगार की तलाश में दक्षिण भारत गए इन मजदूरों ने वीडियो और संदेशों के जरिए अपनी आपबीती सुनाते हुए वतन वापसी की गुहार लगाई है, जिस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है.
युवक-युवतियों ने लगाई मदद की गुहार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम जिले से गए सैकड़ों युवक-युवतियों को तमिलनाडु की एक सूता और कपड़ा निर्माण कंपनी में बंधक बनाकर रखा गया है. मजदूरों का आरोप है कि उन्हें न केवल काम के बदले उचित मजदूरी नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें परिसर से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं है. बंधक बने मजदूरों में बड़ी संख्या में युवतियां भी शामिल हैं, जिन्होंने डबडबाई आंखों से सरकार से मदद की अपील की है.
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डीसी और माइग्रेंट सेल को निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट के माध्यम से फौरन कार्रवाई के आदेश दिए हैं. डीसी चाईबासा को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया. राज्य माइग्रेंट सेल को मामले की तत्काल जांच करने और मजदूरों की लोकेशन ट्रेस करने को कहा है. तमिलनाडु सरकार और वहां के स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर मजदूरों को अविलंब मुक्त कराने का भरोसा दिलाया है.
