Ranchi: राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा कि संख्या बल कम होने के कारण चुनावी मैदान से पीछे हटने वाली भाजपा को नैतिकता और राजनीतिक शुचिता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने विधायकों को दो दिनों से एक होटल में रोक रखा है और अब कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगा रही है. सोनाल शांति ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन देने के फैसले से भाजपा के कई विधायक असहज हैं और इसकी झलक मतदान तथा मतगणना के दौरान देखने को मिल सकती है.
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झारखंड की राजनीति को अस्थिर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और कांग्रेस के विधायक, संगठन प्रभारी तथा वरिष्ठ नेता लगातार बैठकें कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कैंप में कार्यकर्ताओं और आम लोगों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं है, जबकि भाजपा ने अपने ठिकाने पर मीडिया और कार्यकर्ताओं की भी एंट्री सीमित कर दी है. सोनाल शांति ने भाजपा पर पूंजीपतियों के हित में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड की जनता और जनप्रतिनिधि राज्य की अस्मिता, स्वाभिमान और झारखंडी हितों के साथ खड़े हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव के नतीजे भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर बड़ा सवाल खड़ा करेंगे. कांग्रेस ने विश्वास जताया कि महागठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं और राज्यसभा चुनाव में भाजपा को करारा राजनीतिक संदेश मिलेगा. पार्टी का कहना है कि झारखंड की राजनीति को अस्थिर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी और चुनाव परिणाम इसका जवाब देंगे.
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