Ranchi: झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए रिनपास (RINPAS) में अत्याधुनिक डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (डीटीएमएस) मशीन की शुरुआत की गई. करीब दो करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस विश्वस्तरीय तकनीक का उद्घाटन आज राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया. यह मशीन रोटरी क्लब ऑफ रांची और सीसीएल के सहयोग से प्रोजेक्ट मानस के तहत लगाई गई है.
उन्नत तकनीक का उपलब्ध होना राज्य के मरीजों के लिए बड़ी उपलब्धि
उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण बच्चों एवं युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में रिनपास में डीटीएमएस जैसी उन्नत तकनीक का उपलब्ध होना राज्य के मरीजों के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि सरकार झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है.
डॉ. अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के प्रयासों के साथ आलोचनाएं भी स्वाभाविक हैं, लेकिन इससे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल प्रभावित नहीं होना चाहिए. उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया.
मानसिक रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण
इस दौरान कांके विधायक सुरेश बैठा ने कहा, कि डीटीएमएस मशीन मानसिक रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित होगी. इसके माध्यम से मस्तिष्क संबंधी कई जटिल समस्याओं का इलाज अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा.
रिनपास की निदेशक डॉ. जयंती सिमलाई ने बताया कि यह तकनीक संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. डीटीएमएस के जरिए अवसाद (डिप्रेशन), ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी), चिंता समेत कई मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है.
रोटरी क्लब ऑफ रांची के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा, कि यह पहल झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली साबित होगी. वहीं रोटरी गवर्नर नम्रता ने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्य जारी रहेंगे.
सीसीएल के सीएसआर महाप्रबंधक सिद्धार्थ शंकर लाल ने कहा, कि आदिवासी और जरूरतमंद मरीजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग देना गर्व की बात है. वहीं प्रोजेक्ट चेयरमैन गौरव बागड़ॉय ने कहा कि डीटीएमएस तकनीक मानसिक रोगों के उपचार में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी.
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