Chaibasa: प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी, पश्चिमी सिंहभूम के नेतृत्व में उपायुक्त कार्यालय के समीप धरना-प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम के बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया. धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी एवं प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र सोनकर ने कहा कि देश का युवा निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की अपेक्षा रखता है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं से छात्रों की वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है और यह उनके भविष्य के साथ अन्याय है. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज करना उचित नहीं है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेगी.
इस्तीफे की मांग
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा शिक्षा व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों एवं युवाओं के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी और मुकदमे वापस लेने की मांग की गई. कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीष गोप ने दिया. इस दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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