Ranchi: AJC संजीव झा की अदालत ने पिता भोला ठाकुर पर हत्या की नीयत से जानलेवा हमला करने के आरोपी विजय ठाकुर को रिहा कर दिया है. अदालत ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे दोषमुक्त कर दिया. आरोपी की ओर से LADC वीरेंद्र प्रताप ने अदालत में पैरवी की.
अनगड़ा थाना क्षेत्र का है मामला
यह मामला रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के गेतलसूद का है, घटना होली से ठीक पहले 28 मार्च 2024 की बताई गई थी. इस मामले में आरोपी की मां वीणा देवी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
खून से लथपथ मिले थे भोला ठाकुर
प्राथमिकी में वीणा देवी ने बताया था कि वह अपने मायके हजारीबाग गई हुई थीं. 29 मार्च 2024 को जब वह घर लौटीं तो उन्होंने अपने पति भोला ठाकुर को एक कमरे में खून से लथपथ हालत में पड़ा पाया. उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों से निकला खून पूरे फर्श पर फैला हुआ था.
कुल्हाड़ी से हमला करने का लगाया था आरोप
वीणा देवी के अनुसार, पानी का छींटा देने के बाद होश में आने पर भोला ठाकुर ने बताया कि उनके बड़े बेटे विजय ठाकुर ने कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें जान से मारने का प्रयास किया और गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गया. हमले में उनके सिर, कमर और पीठ पर गहरे जख्म आए थे. इसके बाद परिवार के लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में रिम्स में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति नाजुक बताई थी.
ALSO READ: STP कार्य बंद होने से बोकारो थर्मल की कॉलोनियों में नारकीय स्थिति, लोग बेहाल
पहले भी हमले का लगाया था आरोप
वीणा देवी ने प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया था कि विजय ठाकुर ने इससे पहले अपनी पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद उसकी पत्नी मायके में रह रही है. उन्होंने यह भी बताया था कि घटना से करीब 20 दिन पहले विजय ने उन पर भी हमला कर घायल कर दिया था. हालांकि, अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हो सके, जिसके बाद कोर्ट ने विजय ठाकुर को रिहा करने का आदेश दिया.
