Seraikela: जिले के तिरूलडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत तिरूलडीह पंचायत के पूर्व मुखिया और हेरेमुड़ी गांव के पारंपरिक ग्राम प्रधान मेघनाथ सिंह पातर का बुधवार को निधन हो गया. उन्होंने दोपहर करीब 1:30 बजे मिलन चौक स्थित माधुरी नर्सिंग होम में अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही तिरूलडीह और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई.
लंबे समय तक सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे मेघनाथ सिंह पातर
मेघनाथ सिंह पातर लंबे समय से सामाजिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय रहे. पंचायत के पूर्व मुखिया के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. गांव के लोगों के बीच उनकी अलग पहचान थी.
पारंपरिक ग्राम प्रधान के रूप में था विशेष सम्मान
हेरेमुड़ी गांव के पारंपरिक ग्राम प्रधान होने के कारण मेघनाथ सिंह पातर का ग्रामीणों के बीच विशेष सम्मान था. सामाजिक और पारंपरिक मामलों में लोग उनकी सलाह को काफी महत्व देते थे. वह गांव के महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी अहम भूमिका निभाते थे.
श्रद्धांजलि देने पहुंचे ग्रामीण और जनप्रतिनिधि
उनके निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, शुभचिंतक और विभिन्न जनप्रतिनिधि उनके आवास पहुंचे. लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.
सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए याद किए जाएंगे
ग्रामीणों ने बताया कि मेघनाथ सिंह पातर सरल, मिलनसार और समाजसेवी स्वभाव के व्यक्ति थे. वह हमेशा ग्रामीणों के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे. सामाजिक एकता बनाए रखने और लोगों की मदद के लिए वह लगातार प्रयासरत रहते थे.
तिरूलडीह ने खोया अनुभवी सामाजिक नेतृत्व
मेघनाथ सिंह पातर के निधन से तिरूलडीह पंचायत ने एक अनुभवी, सम्मानित और जनप्रिय सामाजिक नेतृत्व को खो दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके योगदान और समाजसेवा को लंबे समय तक याद किया जाएगा. उनके निधन से क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है.
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