Jamtara: मिहिजाम राजवाड़ी स्थित मां काली मंदिर में बुधवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन हुआ. महिला समिति द्वारा संपन्न कराए गए इस धार्मिक अनुष्ठान में पूरे क्षेत्र की आस्था उमड़ पड़ी. सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई और दिनभर जयकारों से माहौल गूंजता रहा.
वैदिक अनुष्ठान
वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और विशेष पूजा-पाठ के साथ प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य अनुष्ठान संपन्न हुआ. महिला समिति की सदस्यों ने पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई. समिति की महिलाएं पिछले कई वर्षों से इस मंदिर की सेवा में जुटी हैं और उनके अथक प्रयासों से ही यह आयोजन भव्य रूप ले सका.
श्रद्धालुओं की सहभागिता
पूजा के दौरान सैकड़ों की संख्या में स्थानीय श्रद्धालु, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे. सभी ने मां काली के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की.
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महाप्रसाद का आयोजन
प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर परिसर में खिचड़ी भोग महाप्रसाद का आयोजन किया गया. महिला समिति और स्थानीय युवाओं ने मिलकर भंडारे की व्यवस्था संभाली. कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. खिचड़ी भोग का स्वाद लेकर सभी श्रद्धालु तृप्त होकर लौटे. आयोजन के दौरान अनुशासन और आपसी सहयोग देखने लायक था.
आस्था का केंद्र
मौजूद श्रद्धालुओं ने कहा कि राजवाड़ी का यह काली मंदिर वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है. महिला समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार और प्राण प्रतिष्ठा से अब यह और भी दिव्य हो गया है. लोगों का मानना है कि मां काली की कृपा से पूरे क्षेत्र में शांति और समृद्धि आएगी.
एकता का संदेश
महिला समिति की सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी बना. मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ. इस भव्य आयोजन ने मिहिजाम में धार्मिक सौहार्द और सेवा भाव की नई मिसाल पेश की.



