NewsWave Desk : विक्रम-1 रॉकेट अपने पहले ऑर्बिटल मिशन के लिए लॉन्च हो गया. इसके साथ ही भारत ने अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में बड़ा इतिहास बना दिया है. हैदराबाद की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने विक्रम -1 रॉकेट को लॉन्च किया. यह मिशन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसके पहले स्काईरूट के विक्रम-1 के लॉन्च में कुछ तकनीकी दिक्कत आयी थी. जिसके वजह से प्रोजेक्ट में देरी हो गई थी. इस शानदार काम की वजह से भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया है, जहां किसी निजी कंपनी ने अपने दम पर ये काम किया है. इस क्षेत्र में अमेरिका और चीन का नाम दर्ज था. अब इसमें भारत का नाम भी शामिल हो गया. देश में स्पेस प्रोग्राम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में इस रॉकेट का नाम विक्रम-1 रखा गया है.
ISRO के लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया
विक्रम-1 रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO के लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया. करीब 7 मंजिला ऊंचाई वाला यह रॉकेट लो अर्थ ऑर्बिट में जाएगा. जो धरती से लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. मिशन का मकसद सैटेलाइट को उनकी निर्धारित ऑर्बिट में स्थापित करना है.
अंतरिक्ष सेवाओं को आसान और सुलभ बनाना है
इसकी जानकारी देते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस ने कहा कि मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष सेवाओं को आसान और सुलभ बनाना है. कंपनी खुद को स्पेस के लिए कैब सर्विस के रूप में डेवल्प करना चाहती है. इसका मतलब है कि भविष्य में कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार रॉकेट की सर्विस लेकर सैटेलाइट को स्पेस में भेज सकेंगी या उन्हें किसी खास ऑर्बिट में स्थापित कर सकेंगी. विक्रम-1 मिशन से पहले कंपनी ने नवंबर 2022 में विक्रम नाम का सबऑर्बिटल मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया था. उस मिशन को ऑपरेशन प्रारंभ नाम दिया गया था.
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