Chaibasa : जिला में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के डीसी मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक के दौरान तसर उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ साथ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका से जोड़ने हेतु विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई. इस दौरान विशेष रूप से महिलाओं को सिल्क रीलिंग एवं वीविंग का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से संबंधित विविध बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया. साथ ही इस बात पर विशेष बल दिया गया कि तसर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर महिलाओं के लिए आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं. इसके साथ ही प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं के कौशल विकास, रोजगार के अवसरों के विस्तार और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे.

प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा
बैठक के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा, महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, तकनीकी सहयोग और उत्पादन से लेकर विपणन तक की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई. संबंधित पहल से महिला स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ से जुड़ी महिलाओं को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना व्यक्त की गई. इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़कर उनके समग्र सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है.
ये रहे मौजूद
इस दौरान झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के तहत किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राज लक्ष्मी, रेशम साड़ी प्रशिक्षण केंद्र के संचालक समेत अन्य मौजूद रहे.
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