Ranchi: लापता अदिति पांडे के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक पूरी तरह खाली हैं. अदिति का कोई सुराग न मिलने से जहां एक तरफ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं दूसरी तरफ सदर थानेदार की सुस्ती ने जांच पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

लापता अदिति पांडे की खोजबीन के दौरान 12 मई को एक मांस का टुकड़ा मिला था. पुलिस ने इस मांस के टुकड़े को जांच के लिए एफएसएल टीम को भेजा था. मामला संवेदनशील होने के बावजूद अब तक एफएसएल की रिपोर्ट नहीं आई है. इस रिपोर्ट को लेकर थाना प्रभारी बेहद लापरवाह नजर आ रहे हैं, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
रहस्यमय परिस्थितियों में हुई थी लापता
अदिति पांडे कुछ दिनों पहले अपने घर से अचानक लापता हो गई थी. परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभावित ठिकाने और रिश्तेदारों के यहां उसकी काफी खोजबीन की. जब सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन शुरुआती दौर में जिस तत्परता की उम्मीद की जा रही थी, वह कहीं देखने को नहीं मिली.
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में एफएसएल रिपोर्ट जितनी जल्दी आती है, जांच की दिशा उतनी ही सटीक होती है. हालांकि, इस मामले में थानेदार को एफएसएल रिपोर्ट की कोई जल्दबाजी नहीं है. प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के बजाय फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. थाना प्रभारी का यह रवैया दिखाता है कि वे इस मामले को लेकर कितने असंवेदनशील हैं. इस मामले को लेकर सदर थानेदार कुलदीप कुमार ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है. इस रिपोर्ट के बाद आगे की जांच की जाएगी.
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