Giridih: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने समाहरणालय सभागार में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की. बैठक में योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
शौचालय निर्माण की समीक्षा
समीक्षा के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई. उपायुक्त ने पाया कि जिले के कुछ प्रखंडों में अब तक निर्माण के लिए भूमि का चयन नहीं किया गया है. इस पर उन्होंने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्यों में तेजी लाएं, ताकि योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से आम लोगों तक पहुंच सके.

भूमि चयन का निर्देश
बैठक में वेस्ट एवं सेनिटेशन पार्क निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि पार्क निर्माण के लिए आवश्यक 5 से 10 डिसमिल भूमि का चिन्हितीकरण अविलंब पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे स्थलों को प्राथमिकता दी जाए, जहां पूर्व से कचरा डंप किया जाता रहा हो, ताकि उन्हें विकसित कर व्यवस्थित वेस्ट एवं सेनिटेशन पार्क के रूप में स्थापित किया जा सके.
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हर घर जल पर जोर
जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल सर्टिफिकेशन एवं हैंडओवर कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस क्षेत्र में जिले को अभी बेहतर प्रदर्शन करने की आवश्यकता है. उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के मुखिया एवं कनीय अभियंताओं के साथ बैठक कर सर्टिफिकेशन और हैंडओवर कार्यों में आ रही बाधाओं की समीक्षा करें तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें.
पेयजल योजनाओं की समीक्षा
इसके अलावा सिंगल विलेज स्कीम के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के हैंडओवर की प्रक्रिया में तेजी लाने और सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया.
फील्ड निरीक्षण बढ़ाने का निर्देश
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने, योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-1 एवं 2 के कार्यपालक अभियंता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
