Giridih : जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत बलगो पंचायत में मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर कथित फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पंचायत की मुखिया केसरी देवी पर गलत तिथि डालकर फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने और पैसे लेकर दस्तावेज बनाने का गंभीर आरोप लगा है. मामला सामने आने के बाद पंचायत व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, मेरखोगुंडी कला निवासी रामप्रसाद वर्मा के पिता स्वर्गीय अमृत महतो का निधन 21 फरवरी 2020 को दोपहर करीब 1:30 बजे आकस्मिक रूप से हुआ था. परिजनों का आरोप है कि पिता की मौत के बाद जब परिवार दाह-संस्कार और अन्य कार्यों में व्यस्त था, उसी दौरान पंचायत की मुखिया ने अपने लेटर पैड पर 21 जनवरी 2020 की तिथि अंकित कर किसी दूसरे व्यक्ति को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया.
पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ गया

परिवार ने आरोप लगाया है कि यह पूरा खेल पैसे लेकर किया गया, मामले की जानकारी मिलने के बाद पंचायत समिति सदस्य लखन हसदा ने जांच कर सही मृत्यु तिथि 21 फरवरी 2020 बताते हुए अपने लेटर पैड पर अलग से प्रमाण जारी किया, लेकिन इसके बावजूद पंचायत सचिव और मुखिया की कथित मिलीभगत से आज तक सही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया, रामप्रसाद वर्मा का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को बैंक खाते से मृत्यु से एक दिन पहले की निकासी का रिकॉर्ड भी दिखाया, जिससे यह साबित होता है कि उनके पिता उस समय जीवित थे. इसके बावजूद पिछले पांच वर्षों से वे दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर हैं. परिजनों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ गया है कि एक आम व्यक्ति को अपने ही पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ रहा है. पांच साल तक न्याय नहीं मिलने के बाद आखिरकार रामप्रसाद वर्मा ने उपायुक्त को आवेदन देकर सही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
Also Read : पति की दीर्घायु व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है वट सावित्री पूजा : डॉ. कौशल
