Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने भले ही दिल्ली तक की राजनीति को गरमा दिया हो, लेकिन रांची में इसकी तपिश गठबंधन की बुनियाद को झुलसा रही है. जेएमएम के केंद्रीय सचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिना किसी लाग-लपेट के साफ कर दिया, कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन अब सिर्फ उन 50 विधायकों के अगुआ हैं, जो ईमानदारी के साथ गठबंधन के फैसलों के साथ खड़े रहे. उन्होंने कहा कि जिन 28 विधायकों ने परिमल नाथवानी के पक्ष में मतदान किया, उनके असली मार्गदर्शक तो नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं.
छह विधायकों पर गद्दारी का ठप्पा
झारखंड की सियासत में ‘क्रॉस वोटिंग’ का यह जिन्न अब गठबंधन के भीतर एक बड़े संकट का रूप ले चुका है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने साफ शब्दों में छह विधायकों पर गद्दारी का ठप्पा लगाते हुए उन्हें चर्चा के काबिल भी नहीं माना. दरअसल, अंकगणित के लिहाज से इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायकों का मजबूत कुनबा था, लेकिन अंदरूनी भितरघात के कारण कांग्रेस के प्रणव झा महज 20 वोटों पर सिमट गए. नतीजा यह हुआ कि बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी बाजी मार ले गए.



