Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक विस्तृत पत्र सौंपा है. पार्टी ने मांग की है कि जिन मतदाताओं के नामों में पहले से ही विसंगति या अनमैप्ड चिन्हित है, उनसे गृह-गणना चरण में ही आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त किए जाएं. झामुमो का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत पहले गणना प्रपत्र जमा कराया जाता है और बाद में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेज़ मांगे जाते हैं. इससे आम मतदाताओं में भ्रम और आशंका पैदा हो सकती है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है. पार्टी का मानना है कि प्रारंभिक चरण में ही दस्तावेज लेने से ऐसी आशंकाओं को दूर किया जा सकेगा.
यह भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव से पहले NDA में हलचल! बैठक से 7 विधायक गायब, चंपई-सरयू भी नहीं पहुंचे
प्रारंभिक चरण में ही दस्तावेज प्राप्त करना अधिक सुविधाजनक
पत्र में कहा गया है कि पहले से चिन्हित मामलों में गृह-गणना के दौरान दस्तावेज लेने से निर्वाचन अधिकारियों और बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ भी कम होगा. नोटिस जारी करने, अलग से सत्यापन करने और सुनवाई आयोजित करने जैसी प्रक्रियाओं की आवश्यकता घटेगी, जिससे पुनरीक्षण कार्य अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा हो सकेगा. झामुमो ने विशेष रूप से झारखंड के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों और राज्य से बाहर रहने वाले मतदाताओं की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बाद में नोटिस जारी होने की स्थिति में उन्हें दस्तावेज़ जमा करने के लिए दोबारा राज्य आना पड़ सकता है. इससे आर्थिक और व्यावहारिक कठिनाइयां बढ़ेंगी. इसलिए प्रारंभिक चरण में ही दस्तावेज प्राप्त करना अधिक सुविधाजनक होगा. पार्टी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि इस व्यवस्था से SIR प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनेगी तथा पात्र मतदाताओं के मताधिकार की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी.
यह भी पढ़ें: एनडीए की बैठक में 17 का दम, बाकी सब पूर्व सूचित सिंड्रोम के शिकार, कल से एक साथ रहेंगे एनडीए विधायक



