Deoghar: श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए झारखंड सरकार ने देवघर की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने देवघर के सिविल सर्जन को 1 करोड़ 40 लाख रुपये का विशेष बजट उपलब्ध कराया है, ताकि मेला अवधि में इलाज, दवाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कमी न रहे. 30 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, यह राशि दो हिस्सों में खर्च की जाएगी. इसमें 40 लाख रुपये प्रशासनिक एवं कार्यालयी आवश्यकताओं पर, जबकि 1 करोड़ रुपये दवाओं, मेडिकल उपकरणों और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सामग्री की खरीद पर खर्च किए जाएंगे.
स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की खरीद में गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों से संबंधित दवाओं की खरीद को प्राथमिकता दी जाए, ताकि अगले चार महीनों तक अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता बनी रहे. इसके अलावा सांप काटने और कुत्ता काटने के मामलों में इस्तेमाल होने वाली जीवनरक्षक दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं की खरीद में गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया है. सभी खरीदी जाने वाली दवाओं की कम से कम 80 प्रतिशत शेल्फ लाइफ शेष होना अनिवार्य होगा. साथ ही अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं की सूची सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करनी होगी, ताकि मरीज और उनके परिजन आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें.

विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि दवाओं और चिकित्सा सामग्री की खरीद ई-टेंडर या GeM पोर्टल के माध्यम से वित्तीय नियमों का पालन करते हुए की जाए. सरकार का उद्देश्य है कि श्रावणी मेला के दौरान देवघर आने वाले लाखों कांवरियों और स्थानीय लोगों को बिना किसी परेशानी के समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
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