Report: Sanjay Sinha

Pakur: पाकुड़ जिले के हिरणपुर मवेशी हाट में नई चारदीवारी निर्माण के बाद गांव में असंतोष तेजी से बढ़ रहा है. वर्षों से खुले चले आ रहे पारंपरिक रास्तों को प्रशासन के निर्देश पर बंद करने की तैयारी के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि इन रास्तों पर उनकी पूरी दैनिक जिंदगी निर्भर करती है. बच्चे इन्हीं रास्तों पर खेलते हैं, बुजुर्ग सैर-सपाटा करते हैं, मंदिर जाने का यही एकमात्र रास्ता है और पानी की व्यवस्था भी इन्हीं मार्गों से जुड़ी हुई है. ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि मवेशी हाट तो सप्ताह में सिर्फ एक दिन लगता है, लेकिन उनका जीवन रोज चलता है. रास्ते पूरी तरह बंद कर देने से वे अपने ही घरों में कैद महसूस करेंगे.
महिलाओं ने की प्रशासन से संवेदनशील रुख अपनाने की मांग
वहीं, अगल-बगल की कुछ महिलाएं इस मुद्दे को लेकर पाकुड़ समाहरणालय पहुंची और लिखित आवेदन देकर प्रशासन से संवेदनशील रुख अपनाने की मांग की है. महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि हाट की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन ग्रामीणों की सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने विकल्प के रूप में चारदीवारी में उचित स्थानों पर गेट लगाने का सुझाव दिया है, ताकि हाट के समय गेट बंद रखे जा सकें और बाकी दिनों में लोगों की आवाजाही बनी रहे.
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया. वे चेतावनी दे रहे हैं कि यदि उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मवेशी हाट की सुरक्षा और व्यवस्थित संचालन के लिए चारदीवारी बनाई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों की मांगों पर विचार किया जाएगा. फिलहाल विवाद बढ़ता जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच संवाद की जरूरत महसूस की जा रही है.
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