NewsWave Desk : लोकसभा में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा की गयी. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार को घेरा. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. राहुल गांधी ने कहा कि भारत के गृहमंत्री को हिम्मत नहीं है कि यहां आएं और बैठें. मैंने उनकी कारकेड देखी. 30 गाड़ियां थीं. गृहमंत्री डरे हुए हैं, इसलिए आज सदन में नहीं आये है. राहुल गांधी ने कहा कि बच्चों पर पैलेट मारे गए. उन्होंने आदेश दिया कि बच्चों को शॉक दिया जाए. दिल्ली पुलिस अंतिम रूप से पीएम PM और गृह मंत्री के लिये जवाबदेह है. छात्रों पर फोर्स इस्तेमाल की इजाजत या तो पीएम PM या गृह मंत्री ही दे सकते है. बच्चों के खिलाफ जो फोर्स यूज हुआ, उसकी इजाजत या तो गृहमंत्री या पीएम PM दे सकते हैं. हालांकि इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी से लगातार बिल पर चर्चा करने के लिये कहा. इसके बाद भी राहुल गांधी नहीं रूके.
किरेन रिजिजू ने कहा माफी मांगनी चाहिये
राहुल गांधी के इस आरोप के बाद ससंदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को सदन में माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो ऐसे सदन नहीं चल पाएगा.
राहुल गांधी के इस बयान पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू भड़क गए. उन्होंने कहा कि संसद में ये बहुत ही गलत बात कही जा रही है. किस आधार पर ये ऐसा बयान दे रहे हैं. रिजिजू ने कहा कि आपने कहा कि गृहमंत्री ने आदेश दिया, आप उसकी कॉपी निकालिए. किस अधिकारी से कहा. आप सदन में कॉपी रखिए. चर्चा ऐसे नहीं हो सकती है. कुछ भी बोलकर आप भाग नहीं सकते हेडलाइन बटोरने के लिए. संसद में जिम्मेदारी के साथ बोलना होगा. इसके बाद सत्तापक्ष ने नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.
सरकार की जिम्मेदारी कि वो बताये किसने आदेश दिया
राहुल गांधी का बचाव करते हुए सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाया है तो ये सरकार की जिम्मेदारी है कि वो बताए किसके आदेश पर बच्चों पर अत्याचार किया. इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर जांच की मांग करें तो मानते हैं. अखिलेश जी आप जो बात कह रहे हैं वो अलग है. राहुल जी ने जो कहा वो गलत है.
