धनबाद में ED की छापेमारी जारी, आयकर विभाग की टीम भी जांच शामिल, गलत पते पर पहुंच गई थी ED टीम, 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ रेड

Ranchi: अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े काले धन के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को धनबाद...

ED raids continue in Dhanbad, Income Tax Department team also involved in investigation, ED team reached the wrong address, simultaneous raids on more than 25 locations

Ranchi: अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े काले धन के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को धनबाद जिले में बड़ी कार्रवाई की. वित्तीय अनियमितताओं और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच के सिलसिले में ईडी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ 25 से अधिक ठिकानों पर जांच कर रही है. यह धनबाद के कोयला क्षेत्र में केंद्रीय एजेंसी की अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक कार्रवाई मानी जा रही है. कार्रवाई के दौरान नालंदा कॉटेज इलाके में एक दिलचस्प मोड़ आया. ईडी की एक टीम गलती से कारोबारी माधव सिंह के आवास की जगह उनके पड़ोसी के घर में दाखिल हो गई, हालांकि, कुछ ही देर में एड्रेस कन्फर्म होने पर टीम सही ठिकाने पर पहुंची और अपनी जांच शुरू की.

सुबह 6 बजे से बिछा शिकंजा, सीआरपीएफ और आईटी की टीम भी शामिल

मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे, जब शहर पूरी तरह सोकर उठा भी नहीं था, रांची और पश्चिम बंगाल से आई ईडी की दर्जनों गाड़ियों ने चिह्नित परिसरों पर एक साथ दबिश दी. रेड के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. सुरक्षा के मद्देनजर बोकारो से सीआरपीएफ के जवानों को विशेष रूप से बुलाया गया था, जिन्होंने सभी परिसरों को अपनी कस्टडी में ले लिया. इस व्यापक अभियान में आयकर विभाग की टीम भी ईडी के साथ समन्वय बनाकर शामिल रही.
दिनभर चल रही इस जांच प्रक्रिया में ईडी के अधिकारी संबंधित परिसरों में रखे कागजातों की छानबीन, डिजिटल डिवाइसों की स्कैनिंग और संदिग्ध बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगालने में जुटे है.

सीडीआर, संपत्ति के कागजात और डिजिटल एविडेंस खंगाल रही एजेंसी

सूत्रों के अनुसार, ईडी का मुख्य फोकस अवैध कोयला खनन और उसकी तस्करी से अर्जित करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति और मनी ट्रेल (वित्तीय लेन-देन) को ट्रैक करना है. जांच के दौरान अधिकारी संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप और पेन ड्राइव की तकनीकी पड़ताल, बैंक खातों के स्टेटमेंट, संदिग्ध लेन-देन के पर्चे और हवाला से जुड़े संभावित सुराग ,अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े कागजात और रजिस्ट्री रिकॉर्ड की जांच कर रही है.
छापेमारी के दौरान किसी भी अधिकारी ने मीडिया से कोई आधिकारिक बयान साझा नहीं किया है और सभी अधिकारी जांच पूरी होने तक जानकारी गोपनीय रखने की बात कह रहे हैं.

मिशन सीक्रेट, शहर में बनी रही दिनभर उत्सुकता

ईडी का यह ऑपरेशन किस कदर गोपनीय रखा गया था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस और संबंधित व्यक्तियों को इसकी भनक तब लगी, जब सुरक्षा बलों की गाड़ियां सीधे उनके दरवाजों पर आकर रुकीं. छापेमारी की खबर आग की तरह फैली और दिनभर शहर के चौक-चौराहों और व्यापारिक गलियारों में इस रेड को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है

इन प्रमुख ठिकानों पर जारी है ED की कार्रवाई

  • – छापेमारी का दायरा हार्डकोक कारोबारियों, राजनीतिक रसूख वाले लोगों और अवैध कोयला सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख चेहरों तक फैला हुआ है.
  • – एसके शर्मा: कार्यालय, गांगुली कॉम्प्लेक्स
  • – अनिल गोयल: आवास (टिकियापाड़ा) एवं भट्ठा (कपुरिया जोरिया)
  • – सबीर आलम (अनिल गोयल के करीबी) संबंधित ठिकाना
  • – हरेंद्र चौहान (डिप्टी मेयर के भाई) आवास, लोयाबाद
  • – अमन कनोड़िया (हार्डकोक कारोबारी) कार्यालय, शांति भवन (बैंक मोड़)
  • – रंजीत सिंह और ओम प्रकाश सिंह आवास, शिमला बहाल और लोदना (झरिया)
  • – गणेश यादव, शेखर यादव, विजय पासवान झरिया और लोदना स्थित आवास
  • – पप्पू मंडल बैंक मोड़ स्थित ठिकाना
  • – रोहित यादव तेतुलिया स्थित घर
  • – माधव सिंह नालंदा कॉटेज स्थित आवास
  • – रितेश शर्मा राज आंगन स्थित परिसर
  • – सुभाष साव आवास, चौथाईकुली (झरिया)
  • आगे क्या होगा?

धनबाद में जारी ईडी की इस बड़ी कार्रवाई से कोयला सिंडिकेट और उससे जुड़े वित्तीय मददगारों के बीच हड़कंप मचा हुआ है. जिस तरह से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों को जब्त किया जा रहा है, उससे आने वाले दिनों में कई बड़े नामों के सामने आने और नए समन जारी होने की पूरी संभावना है.

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